ऊर्जा भंडारण और महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण योजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी, 17,314 करोड़ रुपये होंगे खर्च

SHARE:

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने दो महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14,500 करोड़ रुपये की ऊर्जा भंडारण योजना और 2,814 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण योजना को स्वीकृति दी है। इन दोनों योजनाओं पर कुल 17,314 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य देश में ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू प्रसंस्करण को बढ़ावा देना है।

 

ऊर्जा भंडारण योजना के तहत तीन अलग-अलग प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कुल 92 गीगावाट घंटे (GWh) भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 30 GWh की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) क्षमता शामिल है। इस व्यवस्था से सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से पैदा होने वाली बिजली को जरूरत के समय इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा।

 

सौर और पवन ऊर्जा का उत्पादन मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। ऐसे में ऊर्जा भंडारण प्रणाली बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगी। जब बिजली की मांग कम होगी, तब अतिरिक्त बिजली को स्टोर किया जा सकेगा और जरूरत बढ़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाने और नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

इस योजना में 60 GWh क्षमता पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के माध्यम से और 2 GWh क्षमता उभरती हुई ऊर्जा भंडारण तकनीकों के जरिए विकसित की जाएगी। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। इसके तहत परियोजनाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि बड़े स्तर पर ऊर्जा भंडारण से जुड़े बुनियादी ढांचे का विकास तेजी से हो सके

Kinni Times
Author: Kinni Times