वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों की भूमिका को अहम माना है। इस दिशा में राज्यों को पांच प्रमुख विकास लक्ष्य तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन लक्ष्यों के आधार पर देश के विकास की आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। सरकार का मानना है कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें और विकास की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करें।
इसी उद्देश्य से अगले महीने मुख्य सचिवों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस बैठक में देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस के दौरान वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नए रोडमैप पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें राज्यों की विकास संबंधी प्राथमिकताओं, आर्थिक प्रगति, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया जाएगा कि प्रत्येक राज्य अपनी जरूरतों और क्षमताओं के अनुसार विकास के लक्ष्य निर्धारित करे। इसके साथ ही केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य है कि विकास की प्रक्रिया में सभी राज्यों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो। राज्यों की सक्रिय भूमिका और स्पष्ट लक्ष्यों के जरिए 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में तेजी लाई जा सके।








