केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा को लेकर तंज कसा है। अमित शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनना है, तो उन्हें पूरी जिंदगी मॉक पार्लियामेंट में ही प्रधानमंत्री बने रहना चाहिए, क्योंकि असली संसद में उनका नंबर कभी नहीं आएगा। शाह का यह बयान दिल्ली में विपक्ष की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली और मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम के बाद आया है।
चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने विपक्ष की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री बनने के लिए एक नया रास्ता खोज लिया है। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें अगर प्रधानमंत्री बनना है, तो पूरी जिंदगी मॉक पार्लियामेंट में ही बने रहना चाहिए। असली संसद में उनका नंबर कभी नहीं लगेगा।
अमित शाह ने कांग्रेस पर लगातार चुनाव हारने के बावजूद अपनी राजनीतिक रणनीति नहीं बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। शाह ने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद की कार्यवाही में बाधा डालती है और संसदीय मुद्दों को सड़क पर लेकर आती है।
*मॉक पार्लियामेंट को लेकर कांग्रेस पर निशाना*
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रतीकात्मक जन-अभियोग कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसी कार्यक्रम को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस और INDIA ब्लॉक पर निशाना साधा।
अमित शाह ने विपक्ष के इस आयोजन को संसदीय व्यवस्था का मजाक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।
*1984 के सिख विरोधी दंगों का भी किया जिक्र*
अमित शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित INDIA ब्लॉक की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के दिन रैली आयोजित करने को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। शाह ने कहा कि इस तारीख पर कार्यक्रम आयोजित करना दंगा पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
उन्होंने कांग्रेस पर सिख विरोधी दंगों के लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। शाह ने राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले नारे पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति में नफरत दिखाई देती है।
*रैली से व्यापार प्रभावित होने का भी दावा*
गृह मंत्री ने दिल्ली में आयोजित रैली के कारण व्यापार प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के सड़कों पर उतरने से राजधानी में यातायात और कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ा। इससे पहले चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने रैली के कारण व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का दावा किया था।
अमित शाह के इस बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ राहुल गांधी चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी उनके आरोपों और विपक्ष के कार्यक्रमों पर पलटवार कर रही है।







