दिल्ली की रामलीला इस बार कुछ अलग और अनूठे अंदाज में नजर आने वाली है। इस साल रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ-साथ एक और विशाल पुतला जलाने की तैयारी की जा रही है।
राजधानी के पीतमपुरा में होने वाले इस आयोजन में 30 फुट ऊंचे कॉकरोच (तिलचट्टे) का पुतला फूंका जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह अनोखी पहल समाज में फैली गंदगी और उससे जुड़ी समस्याओं के खिलाफ एक कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल एआई वीडियो और मीम्स का दौर
इस अनोखे पुतले के ऐलान के बाद से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बहस छिड़ गई है और तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसको लेकर कई पोस्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए मजेदार वीडियो तेजी से शेयर किए जा रहे हैं।
एक वायरल वीडियो में तो रावण को अपने पास खड़े कॉकरोच के पुतले पर नाराजगी जताते हुए दिखाया गया है, जिसमें वह कहते नजर आ रहे हैं कि यह कीड़ा कहां से आ गया और इसकी इतनी औकात कैसे हो गई कि यह उनके बराबर खड़ा हो जाए।
राजनीतिक तंज और आयोजन के समय को लेकर खड़े हुए सवाल
हालाँकि, यह विचार हर किसी को रास नहीं आ रहा है और इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा है, तो कुछ ने मजाकिया लहजे में टिप्पणियां की हैं। इसके अलावा, कई लोगों ने रामलीला के पावन अवसर पर कॉकरोच का पुतला जलाने पर आपत्ति जताई है।
एक यूजर का तर्क है कि विजयदशमी के दिन ऐसा करने से बेवजह विवाद खड़ा हो सकता है, और अगर इस तरह का कोई जागरूकता अभियान चलाना ही है, तो उसे किसी अन्य दिन अलग से आयोजित किया जाना चाहिए।
पुतला जलाने के समर्थन में आए तर्क और भविष्य की चर्चा
दूसरी ओर, इस विचार का समर्थन करने वाले लोगों का भी अपना एक अलग तर्क है। समर्थकों का मानना है कि जिस प्रकार रावण को बुराई और अहंकार का प्रतीक मानकर उसका पुतला जलाया जाता है, ठीक उसी तरह गंदगी, बीमारी और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कॉकरोच का पुतला जलाने में भी कोई बुराई नहीं है।
बहरहाल, 30 फुट के इस कॉकरोच के पुतले को लेकर सोशल मीडिया पर पक्ष और विपक्ष में बहस जारी है, और अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि पीतमपुरा की यह रामलीला लोगों के बीच कितना आकर्षण का केंद्र बनती है।








