नई दिल्ली: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनके जाने से बॉलीवुड और मराठी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। नाना पाटेकर के निधन पर अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने भी दुख जताया है। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर ने निधन से कुछ दिन पहले उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन वह उस समय यात्रा कर रही थीं और उनका कॉल रिसीव नहीं कर पाईं। अब इस बात का उन्हें बेहद अफसोस है।
नाना पाटेकर के आखिरी कॉल को लेकर हेमा मालिनी ने क्या कहा?
हेमा मालिनी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान नाना पाटेकर को याद किया। उन्होंने बताया कि अभिनेता ने कुछ दिन पहले उनसे बात की थी। इसके बाद करीब एक सप्ताह पहले भी उनका फोन आया था, लेकिन उस वक्त वह सफर में थीं और कॉल नहीं उठा सकीं।
हेमा मालिनी ने कहा कि जब उन्हें नाना पाटेकर के निधन की खबर मिली, तो उन्हें काफी हैरानी हुई। वह इस बात से दुखी हैं कि आखिरी बार उनका फोन आने पर वह उनसे बात नहीं कर पाईं।
अभिनेत्री की इस प्रतिक्रिया से पता चलता है कि नाना पाटेकर के निधन की खबर उनके लिए कितनी भावुक करने वाली है। किसी परिचित का अचानक दुनिया से चले जाना और उससे आखिरी बार बात न हो पाना अपने पीछे कई अधूरी यादें छोड़ जाता है।
‘वह एक्टिंग के इंस्टीट्यूशन थे’, हेमा मालिनी ने की तारीफ
हेमा मालिनी ने नाना पाटेकर के अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री ने एक बेहतरीन कलाकार को खो दिया है। उन्होंने नाना को अभिनय की दुनिया का एक संस्थान बताया।
नाना पाटेकर अपनी गंभीर भूमिकाओं, दमदार संवाद अदायगी और किरदारों में जान डाल देने की कला के लिए जाने जाते थे। उन्होंने फिल्मों में कई ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें दर्शकों ने लंबे समय तक याद रखा। उनकी अभिनय शैली ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई।
हेमा मालिनी ने भी उनके काम और अभिनय के अनोखे अंदाज की प्रशंसा की। उनके मुताबिक, नाना पाटेकर की विरासत हिंदी और मराठी सिनेमा में हमेशा याद की जाएगी।
सोशल मीडिया पोस्ट में भी जाहिर किया दुख
हेमा मालिनी ने नाना पाटेकर के निधन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने अभिनेता की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें फिल्म इंडस्ट्री का आइकॉन बताया और उनके योगदान को याद किया।
अपने संदेश में उन्होंने नाना पाटेकर के अभिनय के साथ-साथ सामाजिक कार्यों का भी जिक्र किया। नाना पाटेकर किसानों और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए किए गए कार्यों को लेकर भी पहचाने जाते रहे हैं। नाम फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर काम किया।
हेमा मालिनी ने लिखा कि नाना पाटेकर अपने पीछे हिंदी और मराठी फिल्मों की शानदार विरासत छोड़ गए हैं। उनके अलग-अलग किरदारों में अभिनय की विविधता और प्रतिभा साफ दिखाई देती थी। अभिनेत्री ने यह भी बताया कि उन्हें नाना का अभिनय और किरदारों को निभाने का उनका खास अंदाज पसंद था।
75 साल की उम्र में हुआ नाना पाटेकर का निधन
रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में 8 अक्टूबर को निधन हो गया। खबर में बताया गया कि गोवा में उनकी तबीयत बिगड़ी थी और उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई थी। बाद में उन्हें कमरे में बेहोशी की हालत में पाया गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक का माहौल है। उनके अभिनय, फिल्मों और सामाजिक कार्यों को याद किया जा रहा है।
नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनके जाने से सिनेमा जगत में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है। हेमा मालिनी का उनके आखिरी कॉल को लेकर जताया गया अफसोस भी इसी भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। उनका अभिनय और फिल्मों में दिया गया योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए यादगार बना रहेगा।








