बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की निजी जिंदगी को लेकर इन दिनों चल रही चर्चाओं के बीच अभिनेत्री कुबरा सैत ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में गोविंदा को उनकी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ कई मौकों पर एक साथ देखे जाने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों के रिश्ते को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, गोविंदा और कोमल रानी दोनों ने ही इन डेटिंग की खबरों की पुष्टि नहीं की है और गोविंदा पहले ही इन चर्चाओं को खारिज करते हुए कोमल के साथ अपने रिश्ते को पूरी तरह प्रोफेशनल बता चुके हैं। इसी पूरे विवाद के बीच कुबरा सैत ने एक वीडियो शेयर कर लोगों से सेलिब्रिटीज की निजी जिंदगी पर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकालने की अपील की है।
बचपन के हीरो गोविंदा का किया जिक्र और उठाया बड़ा सवाल
कुबरा सैत ने अपने वीडियो में अभिनेता गोविंदा को याद करते हुए कहा कि वह उन्हें देखते हुए बड़ी हुई हैं और उन्होंने गोविंदा को सुपरस्टार, आइकॉन व लेजेंड बताते हुए 90 के दशक के उनके अद्वितीय स्टारडम का खुलकर जिक्र किया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही गपशप पर कड़ा सवाल उठाया। कुबरा ने कहा कि अगर कोई लड़की किसी अभिनेता के आसपास दिखाई दे जाती है, तो सोशल मीडिया पर उसे तुरंत ‘मिस्ट्री वुमन’ या कथित ‘गर्लफ्रेंड’ क्यों मान लिया जाता है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि आखिर किसी फैन या सोशल मीडिया यूजर के लिए किसी अभिनेता की निजी जिंदगी की इस तरह से जाँच-पड़ताल करना कब से जरूरी हो गया?
गपशप को जजमेंट में बदलने पर उठाए गंभीर सवाल
अपने इस वीडियो संदेश में कुबरा ने सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया कि सेलिब्रिटी से जुड़ी गपशप (Gossip) और किसी व्यक्ति के बारे में फैसला सुनाने (Judgment) में बहुत बड़ा अंतर होता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह गपशप कब गपशप न रहकर लोगों के लिए एक कड़क जजमेंट बन गई। उन्होंने कहा कि वह खुद एक पब्लिक फिगर हैं और अपनी निजी जिंदगी को लेकर लोगों की जिज्ञासा को अच्छी तरह समझती हैं, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि किसी की पर्सनल लाइफ को सार्वजनिक चर्चा और ट्रोलिंग का निशाना बना दिया जाए। कुबरा ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर किसी के भी बारे में कुछ भी लिखने या वायरल कंटेंट बनाने से पहले खुद से एक बार जरूर सवाल करें।
महिलाओं के सम्मान और रोजमर्रा के अधिकारों की बात
कुबरा सैत ने अपनी बात को केवल गोविंदा तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि महिलाओं के सम्मान को लेकर भी अपनी बेबाक राय रखी। उनका कहना था कि महिलाओं के सम्मान की बात सिर्फ तब नहीं होनी चाहिए जब उनके साथ कोई बड़ी या गंभीर घटना घटित हो, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी महिलाओं के फैसलों और उनकी पर्सनल लाइफ का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी महिला से बार-बार खुद को सही साबित करने की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए, खासकर तब जब उसने खुद की तरफ से ऐसा कोई दावा या सार्वजनिक आरोप शुरू ही न किया हो।








