देश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड को संबोधित करते हुए देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने वर्ष 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए कहा कि भारतीय जवानों ने एलओसी के पार जाकर आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने पूरी दुनिया के सामने आतंकवाद के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को पूरी मजबूती से साबित किया है।
जनगणना को बताया देश के हर नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व
प्रधानमंत्री ने देश में चल रही जनगणना प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए इसे सभी नागरिकों का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व बताया। उन्होंने जानकारी दी कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है, जिसके तहत 32 करोड़ से अधिक परिवारों का डेटा दर्ज किया जा चुका है। पीएम मोदी ने विशेष रूप से उत्तराखंड के चमोली में स्थित माणा गांव का जिक्र किया, जहां से इस विशाल जनगणना अभियान की शुरुआत की गई थी।
अशोक सिंघल की 100वीं जयंती और मोढेरा सूर्य मंदिर की चर्चा
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल को उनकी 100वीं जन्मजयंती पर नमन किया और रामजन्मभूमि आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। इसके साथ ही उन्होंने गुजरात के ऐतिहासिक मोढेरा सूर्य मंदिर के इतिहास पर बात करते हुए बताया कि 1026 ईस्वी में इस मंदिर को काफी नुकसान पहुंचाया गया था। हालांकि आज यही मोढेरा गांव देश के पहले ‘सोलर विलेज’ के रूप में अपनी एक नई और आधुनिक पहचान बना चुका है।
सुंदरबन की महिलाओं का हौसला और 100 सप्ताह का नशा मुक्त अभियान
पर्यावरण और आजीविका के क्षेत्र में पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के सुंदरबन (झारखाली) की उन महिलाओं के प्रयासों की सराहना की, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मैंग्रोव के जंगल तैयार कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने देश में चलाए जा रहे 100 सप्ताह के ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ की जानकारी दी, जिसके तहत लाखों युवा नशे से दूर रहने का संकल्प ले रहे हैं।
कुपोषण के खिलाफ राज्यों की अनूठी पहल और प्रतापगढ़ का आंवला
कुपोषण से निपटने के लिए पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा’ अभियान, गुजरात की मिलेट्स प्रतियोगिताओं और मिजोरम की पोषण वाटिकाओं का उदाहरण दिया। अंत में उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के आंवला उद्योग की तारीफ करते हुए बताया कि वहां करीब 100 प्रोसेसिंग इकाइयां काम कर रही हैं। ओडीओपी (ODOP) योजना के जरिए स्थानीय महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस बनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं।








