नई दिल्ली: दिल्ली में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को कम करने के लिए आठ महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें दक्षिण दिल्ली के मां आनंदमयी मार्ग पर 5.5 किलोमीटर लंबा छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर, मुकरबा चौक पर मौजूदा आरओबी को छह से बढ़ाकर 10 लेन करना और छह प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (MMI) योजनाएं शामिल हैं।
इन फैसलों का उद्देश्य दिल्ली के प्रमुख व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना, मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच आसान बनाना और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
UTTIPEC की 70वीं बैठक में हुआ फैसला
इन परियोजनाओं को यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) सेंटर यानी UTTIPEC की 70वीं गवर्निंग बॉडी बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक में दिल्ली सरकार, डीडीए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, डीएमआरसी, पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, रेलवे और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में DMRC की छह MMI योजनाओं और PWD की दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
मां आनंदमयी मार्ग पर बनेगा 5.5 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर
दक्षिण दिल्ली में मां आनंदमयी मार्ग पर आउटर रिंग रोड से महरौली-बदरपुर रोड तक करीब 5.5 किलोमीटर लंबा छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।
प्रस्तावित कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह रास्ते में आने वाले करीब 12 प्रमुख चौराहों के ट्रैफिक को ऊपर से निकालते हुए बाईपास करेगा। इससे वाहनों को बार-बार सिग्नल पर रुकने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
इस इलाके में ओखला फेज-1 और फेज-2 औद्योगिक क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों का दबाव रहता है। एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्देश्य इसी मिश्रित यातायात के कारण होने वाली भीड़ को कम करना है।
क्राउन प्लाजा चौराहे पर अंडरपास और गोलचक्कर
ओखला एस्टेट मार्ग पर क्राउन प्लाजा चौराहे के पास अंडरपास और गोलचक्कर विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है।
इससे चौराहे पर वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। जमीन पर यातायात का दबाव कम होने से पैदल यात्रियों और गैर-मोटर चालित परिवहन के लिए भी बेहतर सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।
मुकरबा चौक पर 6 लेन का ROB होगा 10 लेन
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के प्रमुख यातायात बिंदु मुकरबा चौक पर मौजूदा छह लेन के रोड ओवरब्रिज (ROB) को बढ़ाकर 10 लेन किया जाएगा।
इसके साथ ही जहांगीरपुरी औद्योगिक क्षेत्र से संजय गांधी परिवहन नगर को जोड़ने के लिए दिल्ली-सोनीपत रेल लाइन के ऊपर चार लेन का नया ROB बनाया जाएगा।
नए संपर्क मार्ग से मुकरबा चौक से गुजरने वाले करीब 20 प्रतिशत वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिलने का अनुमान है। इससे मुकरबा चौक के अलावा मधुबन चौक और NH-44 के आसपास यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
छह मेट्रो स्टेशनों पर MMI योजना
UTTIPEC ने छह प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के आसपास मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (MMI) योजनाओं को भी मंजूरी दी है।
इनमें शामिल हैं:
- GTB नगर मेट्रो स्टेशन — येलो लाइन
- सरिता विहार मेट्रो स्टेशन — वायलेट लाइन
- अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन — ब्लू लाइन
- रोहिणी वेस्ट/डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल — रेड लाइन
- मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन — येलो लाइन
- शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन — रेड लाइन
300 मीटर के दायरे में बेहतर होगी कनेक्टिविटी
MMI योजनाओं के तहत मेट्रो स्टेशनों के करीब 300 मीटर के क्षेत्र में पैदल यात्रियों की सुविधा, सुरक्षित आवाजाही, फुटपाथ और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य मेट्रो से उतरने के बाद यात्रियों को आसपास के इलाकों तक सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से पहुंच उपलब्ध कराना है।
दिल्ली के 31 मेट्रो स्टेशनों के MMI प्लान मंजूर
DMRC ने दिल्ली के फेज-1 और फेज-2 मेट्रो कॉरिडोर के कुल 31 स्टेशनों के लिए MMI योजनाएं तैयार की थीं। इन छह योजनाओं को मंजूरी मिलने के साथ अब इन सभी 31 स्टेशनों के लिए तैयार MMI योजनाओं को UTTIPEC की स्वीकृति मिल चुकी है।
पैदल यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन पर भी फोकस
इन परियोजनाओं में केवल वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने पर ही नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी कनेक्टिविटी को बेहतर करने पर भी ध्यान दिया गया है।
एलिवेटेड कॉरिडोर और ROB जैसी परियोजनाओं से व्यस्त चौराहों पर वाहनों का दबाव कम करने का लक्ष्य है, जबकि MMI योजनाओं के जरिए मेट्रो स्टेशनों के आसपास सुरक्षित पैदल मार्ग और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है।
क्या बदलेगा?
मां आनंदमयी मार्ग: 5.5 किमी छह लेन एलिवेटेड कॉरिडोर और करीब 12 चौराहों का बाईपास।
मुकरबा चौक: मौजूदा छह लेन ROB को 10 लेन किया जाएगा और चार लेन का नया ROB बनेगा।
ओखला एस्टेट मार्ग: क्राउन प्लाजा चौराहे के पास अंडरपास और गोलचक्कर।
मेट्रो कनेक्टिविटी: छह स्टेशनों पर 300 मीटर के दायरे में लास्ट-माइल और पैदल यात्री सुविधाओं में सुधार।
इन परियोजनाओं के लागू होने के बाद दिल्ली के इन प्रमुख हिस्सों में यातायात प्रबंधन और कनेक्टिविटी को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।








