नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपनी हेल्थ पैनल नीति में बदलाव किया है। संशोधित व्यवस्था के तहत नियमित कर्मचारियों, उनके आश्रितों, पेंशनभोगियों और अन्य पात्र लाभार्थियों के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। नई व्यवस्था में पात्र लाभार्थियों को निर्धारित शर्तों के तहत कैशलेस और क्रेडिट उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
MCD की ओर से सूचीबद्ध अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर आदेश जारी किए जाते रहे हैं। मार्च 2026 के आधिकारिक सर्कुलर में 216 निजी अस्पतालों, आई सेंटर, डेंटल क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटरों के एम्पैनलमेंट की समेकित सूची भी जारी की गई थी।
नियमित कर्मचारियों और आश्रितों को कैशलेस उपचार
संशोधित नीति के तहत MCD के नियमित कर्मचारियों और उनके पात्र आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में CGHS दरों पर कैशलेस इंडोर उपचार की सुविधा मिलेगी। इसका मतलब है कि पात्र कर्मचारी को इलाज के दौरान निर्धारित खर्च का भुगतान खुद करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि नियमों के अनुसार इलाज का भुगतान अस्पताल को सीधे निगम की ओर से किया जाएगा।
इससे गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कर्मचारियों और उनके परिवारों पर तत्काल आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
अनुबंध कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य सुविधा के दायरे में शामिल किया गया
संशोधित नीति में अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी स्वास्थ्य सुविधा के दायरे में शामिल किया गया है। यह व्यवस्था अनुबंध की अवधि के दौरान लागू होगी।
अनुबंध कर्मचारी सूचीबद्ध अस्पतालों में CGHS दरों पर कैश-पेमेंट के आधार पर उपचार करा सकेंगे। यानी उपचार के समय भुगतान लाभार्थी की ओर से किया जाएगा और सुविधा नीति में निर्धारित शर्तों के अनुसार उपलब्ध होगी।
पेंशनभोगियों के लिए क्रेडिट और कैशलेस उपचार
MCD के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में क्रेडिट या कैशलेस उपचार की सुविधा जारी रहेगी। MCD के फरवरी 2026 के आधिकारिक सर्कुलर में भी पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस IPD उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था।
सर्कुलर में कहा गया था कि पात्र कार्डधारकों को कैशलेस इन-पेशेंट उपचार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और अस्पतालों को इस व्यवस्था का पालन करना होगा।
CGHS दरों के आधार पर होगी प्रतिपूर्ति
पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के उपचार के मामले में प्रतिपूर्ति CGHS दर या वास्तविक खर्च, जो भी कम हो, उसके आधार पर किए जाने का प्रावधान है। इसके तहत लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिलती है और भुगतान/प्रतिपूर्ति निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है।
MCD के स्वास्थ्य पैनल में निजी अस्पतालों के अलावा आई सेंटर, डेंटल क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर भी शामिल हैं। मार्च 2026 के आधिकारिक आदेश में 216 ऐसे संस्थानों की समेकित सूची जारी की गई थी।
2006 के बाद स्वास्थ्य सुविधा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव
MCD की स्वास्थ्य सुविधा व्यवस्था में यह संशोधन इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय बाद पात्र कर्मचारियों और लाभार्थियों के लिए उपचार की प्रक्रिया को नए तरीके से व्यवस्थित किया गया है। खासतौर पर अनुबंध कर्मचारियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुविधा के दायरे में शामिल किए जाने से इस वर्ग को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों, उनके परिवारों और पेंशनभोगियों को सूचीबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित दरों पर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। हालांकि उपचार और भुगतान की सुविधा संबंधित नीति की पात्रता, अस्पताल के एम्पैनलमेंट और निर्धारित नियमों के अधीन रहेगी।








