लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड पदों पर भर्ती के लिए चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के दौरान हैरान करने वाली और बेहद दुखद घटनाएं सामने आई हैं। भर्ती प्रक्रिया के दौरान महज चार दिनों के भीतर दौड़ लगाते वक्त चार अलग-अलग अभ्यर्थियों की मौत हो गई है। अकेले मेरठ जिले में दो युवाओं की जान गई है, जबकि लखनऊ और मुरादाबाद में एक-एक अभ्यर्थी ने परीक्षा के दौरान दम तोड़ दिया।
इन जिलों में हुई घटनाएं सामने आई जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को मेरठ के कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में अंकुज मलिक और लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइन में योगेंद्र कुमार की दौड़ के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। इसके अगले दिन यानी बुधवार को मेरठ में एक और अभ्यर्थी तरुण कुमार की दौड़ के वक्त स्वास्थ्य खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसी तरह मुरादाबाद में भी शिवम यादव फिनिश लाइन से महज 50-70 मीटर पहले अचानक गश खाकर गिर पड़े, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इन चार मौतों के अलावा कई अन्य जिलों में भी दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आए हैं; जैसे अकेले मेरठ में पहले दिन ही 11 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था
28 मिनट में पूरा करना होता है 4.8 किलोमीटर का दायरा होमगार्ड भर्ती की इस शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के नियमों के तहत हर अभ्यर्थी को 4.8 किलोमीटर का दायरा दौड़कर पूरा करना होता है। इसके लिए उन्हें 28 मिनट का समय मिलता है, जिसके तहत स्टेडियम के कुल 12 चक्कर लगाने होते हैं। अचानक हुई इन मौतों के बाद परीक्षा में शामिल होने वाले युवाओं की फिटनेस, उनके स्वास्थ्य और इस कठिन शारीरिक मानक को लेकर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
डॉक्टरों की सलाह: बिना अभ्यास के न उतरें मैदान में इस पूरी स्थिति को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनी दी है। लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि किसी भी कठिन फिजिकल टेस्ट या दौड़ में हिस्सा लेने से पहले अभ्यर्थियों को कम से कम एक महीने पहले से उसका अभ्यास शुरू कर देना चाहिए, ताकि शरीर की शारीरिक क्षमता और स्टेमिना बढ़ सके। बिना किसी पूर्व अभ्यास के अचानक इतनी लंबी दौड़ लगाना अभ्यर्थियों की बिगड़ती तबीयत और इन हादसों का एक मुख्य कारण हो सकता है।
डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने यह भी सलाह दी है कि अभ्यर्थी कभी भी खाली पेट इस तरह की दौड़ में शामिल न हों। दौड़ में हिस्सा लेने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करना बेहद आवश्यक है, ताकि शरीर में ऊर्जा और पानी की कमी न हो।








