शी जिनपिंग का अमेरिका दौरा; 24 सितंबर को डोनाल्ड ट्रंप से होगी अहम मुलाकात, AI दिग्गजों के साथ डिनर की तैयारी

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वाशिंगटन: भारत दौरे के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अब अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। उनका यह अमेरिकी दौरा आगामी 23 से 25 सितंबर तक प्रस्तावित है। इस यात्रा के दौरान पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली उनकी द्विपक्षीय मुलाकात पर टिकी हुई हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी है कि दोनों नेताओं की यह महत्वपूर्ण बैठक 24 सितंबर को होगी। इस साल दोनों महाशक्तियों के शीर्ष नेताओं के बीच यह दूसरी शिखर बैठक होगी। व्यापार, तकनीक और कई रणनीतिक मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद चले आ रहे हैं, ऐसे में इस मुलाकात को भू-राजनीतिक लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

व्यापार, टैरिफ और एआई तकनीक पर रहेगी खास नजर रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच वाशिंगटन में होने वाली इस बातचीत में व्यापार और टैरिफ (आयात शुल्क) से जुड़े विवादित मुद्दे प्रमुखता से छाए रह सकते हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों के इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा होने की पूरी संभावना है।

वैश्विक तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में चीन के पास दुर्लभ खनिजों की मजबूत पकड़ है, जबकि दूसरी ओर अमेरिका ने चीन की तकनीकी पहुंच को सीमित करने के लिए कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ऐसे में तकनीक और व्यापार पर होने वाली यह चर्चा दोनों देशों के भविष्य के संबंधों की दिशा तय करेगी।

व्हाइट हाउस के राजकीय डिनर में शामिल होंगे टेक दिग्गज शी जिनपिंग के इस अमेरिका दौरे के दौरान व्हाइट हाउस में एक विशेष राजकीय डिनर का भी आयोजन प्रस्तावित है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल डिनर में ग्लोबल टेक्नोलॉजी और AI जगत के कई दिग्गज चेहरे शामिल हो सकते हैं।

इनमें OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, Nvidia के CEO जेंसन हुआंग और Qualcomm के CEO क्रिस्टियानो एमोन के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। खास तौर पर OpenAI की ओर से सैम ऑल्टमैन की इस डिनर में मौजूदगी की पुष्टि भी कर दी गई है, जिसके चलते तकनीकी गलियारों में इस डिनर की चर्चा जोरों पर है।

विदेश मंत्रियों की बातचीत और वैश्विक कूटनीति शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने से पहले कूटनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। हाल ही में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई है। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग यी ने इस दौरान जोर दिया कि दोनों देशों को समानता, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

ट्रंप और शी जिनपिंग की होने वाली इस बैठक में व्यापार, तकनीक और दुर्लभ खनिजों के अलावा ताइवान का मुद्दा और अंतरराष्ट्रीय हालात से जुड़े अन्य वैश्विक संकट भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं। हालांकि, इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों के रिश्तों में नरमी आती है या तनाव बरकरार रहता है, यह पूरी तरह से बैठक के वास्तविक परिणामों पर निर्भर करेगा।

इसके साथ ही, कूटनीतिक मोर्चे पर सक्रियता दिखाते हुए चीन ने पश्चिम एशिया के हालात पर भी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने ईरान और अमेरिका से संयम बरतने की अपील की है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ईरानी समकक्ष अब्बास के साथ चर्चा में समझदारी दिखाने की बात कही है और जून में तय हुई अंतरिम शांति व्यवस्था पर लौटकर बातचीत के जरिए समाधान खोजने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का आह्वान किया है।

फिलहाल, सबकी निगाहें 24 सितंबर को होने वाली ट्रंप और शी जिनपिंग की इस महाबैठक पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों नेता व्यापार और तकनीक जैसे बड़े और जटिल मुद्दों पर क्या सहमति बना पाते हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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