नेपाल में बाढ़ तबाही के बाद भारत से मदद की गुहार; वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने की निर्मला सीतारमण से मुलाकात

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नई दिल्ली: नेपाल में पिछले महीने आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण देश के कई इलाकों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उबरने के लिए अब नेपाल ने भारत से मदद का हाथ बढ़ाया है। इसी सिलसिले में नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अहम मुलाकात की।

वित्त मंत्री बनने के बाद पहली विदेश यात्रा नेपाल के वित्त मंत्री के रूप में स्वर्णिम वागले की यह पहली विदेश यात्रा है और साथ ही उनकी पहली भारत यात्रा भी है। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और आपदा के बाद राहत कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान नेपाली वित्त मंत्री वागले ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए भारत से विशेष अनुदान देने का अनुरोध किया। इस पर भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। एक अधिकारी के मुताबिक, सीतारमण ने स्पष्ट किया कि नेपाल जब आपदा के बाद की अपनी जरूरतों का आकलन पूरा कर लेगा, उसके बाद भारत इस मामले में अंतिम निर्णय लेगा।

लाइन ऑफ क्रेडिट और पुराने सहयोग पर चर्चा इस बैठक में भारत की ओर से नेपाल को पहले से प्रस्तावित ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ को लेकर भी बातचीत हुई। दोनों देशों के वित्त मंत्रियों ने इस सुविधा को जल्द आगे बढ़ाने और इसे अंतिम रूप देने पर सहमति जताई।

भारत और नेपाल के बीच आपदा के बाद के सहयोग का एक मजबूत इतिहास रहा है। साल 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान भी भारत ने पुनर्निर्माण और बहाली के लिए करीब 100 अरब रुपये की सहायता की घोषणा की थी। इस सहायता में 25 अरब रुपये का अनुदान और 75 अरब रुपये आसान शर्तों वाले कर्ज के रूप में शामिल थे।

भारत का लगातार सहयोग जारी रखने का भरोसा मुलाकात के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेपाल में बाढ़ के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने नेपाल को भारत की ओर से हरसंभव और निरंतर सहयोग जारी रखने का पूरा भरोसा दिया।

दूसरी ओर, नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने आपदा के समय भारत की ओर से तुरंत पहुंचाई गई राहत सामग्री और तकनीकी सहायता के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल इस समय भारत से कोई निश्चित रकम नहीं मांग रहा है, लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद है कि जिस तरह 2015 के भूकंप के बाद भारत ने मदद की थी, उसी प्रकार इस बार भी नेपाल के पुनर्निर्माण में उदार सहयोग मिलेगा।

इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद साफ है कि नेपाल में बाढ़ से उपजे संकट के बीच भारत और आपसी संबंधों को और मजबूत करते हुए राहत व पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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