एसी-कूलर की हवा बिगाड़ रही सेहत: उमस और तेज धूप में वायरल-बुखार का बढ़ा प्रकोप, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

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गाजियाबाद: गर्मी, तेज धूप और बढ़ती उमस के बीच मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। दिनभर पसीने में रहने के बाद अचानक एसी या कूलर की ठंडी हवा में जाने से कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में वायरल संक्रमण और बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना करीब 800 से 900 मरीज बुखार, सर्दी, खांसी और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। एमएमजी अस्पताल, संयुक्त जिला अस्पताल, लोनी के संयुक्त अस्पताल समेत डूंडाहेड़ा, लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर, डासना और बम्हैटा के स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।

मौसम बदलने से क्यों बढ़ रही परेशानी?

आईएमए के प्रदेश सचिव और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीबी जिंदल के मुताबिक मौसम में बदलाव के दौरान शरीर को नए तापमान के अनुसार ढलने में कुछ समय लगता है। गर्मी और उमस के बीच अचानक ठंडे वातावरण में जाने से शरीर पर असर पड़ सकता है और कुछ लोगों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ सकती है।

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहने के बाद तुरंत बहुत ठंडे एसी या कूलर वाले कमरे में जाने से बचना चाहिए। तापमान में अचानक बदलाव के बजाय शरीर को धीरे-धीरे ठंडे वातावरण के अनुकूल होने देना बेहतर है।

वायरल संक्रमण में दिख रहे ये लक्षण

एमएमजी अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन डॉ. इमरान के अनुसार वायरल संक्रमण होने पर कई मरीजों में बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

अधिकांश मामलों में वायरल संक्रमण कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। हालांकि, यदि बुखार लगातार तेज बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो या कमजोरी ज्यादा महसूस हो तो डॉक्टर से जांच और उचित उपचार लेना जरूरी है।

वायरल और बुखार के मुख्य कारण

मौसम में बदलाव और तापमान का उतार-चढ़ाव वायरल संक्रमण के बढ़ने की एक वजह हो सकता है। इसके अलावा गर्मी और उमस के दौरान संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इन कारणों से भी बीमारी का खतरा बढ़ सकता है:

  • मौसम में अचानक बदलाव और तापमान का उतार-चढ़ाव
  • गर्मी और उमस के दौरान संक्रमण का प्रसार
  • गंदे या दूषित पानी का सेवन
  • दूषित भोजन खाना
  • साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखना
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना

ऐसे करें वायरल और बुखार से बचाव

डॉक्टरों के मुताबिक इस मौसम में थोड़ी सावधानी बरतकर संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। पर्याप्त मात्रा में साफ पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें। बाहर से घर आने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना जरूरी है।

इसके अलावा ताजा और साफ भोजन का सेवन करें और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें। यदि परिवार में किसी व्यक्ति को वायरल संक्रमण है तो उसके संपर्क में आने से बचें और व्यक्तिगत सामान साझा न करें।

गर्मी और उमस में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। साथ ही तेज गर्मी से आने के तुरंत बाद बहुत ठंडे एसी या कूलर के सामने बैठने के बजाय कुछ समय सामान्य तापमान में रहने के बाद ठंडे कमरे में जाना बेहतर है।

तेज बुखार या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य वायरल संक्रमण अक्सर कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन लक्षण गंभीर होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। तेज बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, अत्यधिक कमजोरी हो या हालत बिगड़ती महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

बदलते मौसम में शरीर का ध्यान रखना, पर्याप्त पानी पीना, साफ भोजन करना और तापमान में अचानक बदलाव से बचना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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