नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन 2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सम्मेलन में BRICS सदस्य और साझेदार देशों के नेता, वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। विदेशी मेहमानों के स्वागत और उनके सुगम आवागमन के लिए दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर प्रमुख सड़कों, आयोजन स्थलों और वीआईपी रूट तक व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई अंतरराष्ट्रीय क्षमता
BRICS समिट के दौरान बढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर पियर-सी को अंतरराष्ट्रीय संचालन के लिए तैयार किया गया है। DIAL के अनुसार, शुरुआत में यहां अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आगमन की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जबकि 10 सितंबर की शाम से आगमन और प्रस्थान दोनों संचालित किए जाएंगे।
पियर-सी के अंतरराष्ट्रीय संचालन में आने से टर्मिनल-3 की अंतरराष्ट्रीय यात्री क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। पूरी तरह चालू होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय यात्री क्षमता सालाना करीब 50 प्रतिशत बढ़कर 3.10 करोड़ होने की उम्मीद है।
इसके अलावा नई पीढ़ी के विमानों के साथ-साथ वाइड-बॉडी विमानों के संचालन की सुविधा भी बेहतर होगी। एयरपोर्ट पर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए CISF, BCAS, एयरलाइंस, ग्राउंड-हैंडलिंग एजेंसियों, इमिग्रेशन और कस्टम्स समेत संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया गया है।
नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों के स्वागत के लिए तैयार एयरपोर्ट
DIAL के सीईओ प्रदीप पणिकर ने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट राजधानी पहुंचने वाले BRICS नेताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यात्रियों और विदेशी मेहमानों के लिए सुरक्षा और सुविधा के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे काम किया जा रहा है।
एयरपोर्ट प्रशासन का फोकस सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने पर है, ताकि सम्मेलन के दौरान बढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक का संचालन बिना किसी बड़ी परेशानी के किया जा सके।
विदेशी मेहमानों के स्वागत में सजेगी नई दिल्ली
BRICS सम्मेलन से पहले नई दिल्ली को आकर्षक रूप देने का काम भी तेज कर दिया गया है। NDMC ने प्रमुख मार्गों, चौराहों और वीआईपी रूट को सजाने के लिए बड़े स्तर पर लैंडस्केपिंग की योजना बनाई है।
इसके तहत 15 हजार से अधिक गमलों में पौधे, 15 पुष्प बोर्ड और नौ पुष्प फव्वारे लगाने की तैयारी की गई है। भारत मंडपम की ओर जाने वाले रास्तों, प्रमुख बाजारों, होटलों और गोलचक्करों पर फूलदार और सजावटी पौधों से लैंडस्केपिंग की जा रही है।
खाली जगहों पर बहुस्तरीय पौधरोपण के जरिए हरित आवरण तैयार किया जा रहा है, जिससे राजधानी के प्रमुख हिस्सों को सम्मेलन के दौरान नया रूप दिया जा सके।
चाणक्यपुरी का रोज गार्डन भी तैयार
विदेशी मेहमानों के संभावित आवागमन वाले चाणक्यपुरी इलाके में स्थित BRICS Friendship Rose Garden को भी संवारा जा रहा है। करीब तीन एकड़ में फैले इस रोज गार्डन में गुलाब की 107 किस्में मौजूद हैं।
सम्मेलन से पहले यहां साफ-सफाई, पौधों की देखभाल और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। NDMC की कोशिश है कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को राजधानी के प्रमुख इलाकों में बेहतर और आकर्षक वातावरण दिखाई दे।
MCD और PWD ने भी संभाली कमान
BRICS Summit की तैयारियों को लेकर MCD और PWD ने भी राजधानी में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अभियान तेज कर दिया है। MCD आयुक्त संजीव खिरवार और PWD प्रधान सचिव संदीप कुमार ने बुधवार को भारत मंडपम समेत प्रमुख आयोजन स्थलों और प्रतिनिधियों के आवागमन वाले मार्गों का संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सफाई, सड़क, फुटपाथ, हरित क्षेत्र, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण से जुड़े कामों में सुधार के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने सराय काले खां, लोधी रोड, निजामुद्दीन, साकेत और शेख सराय समेत कई इलाकों में भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी
सम्मेलन को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में गहन सफाई और प्रवर्तन अभियान चलाने के साथ-साथ पशु एवं वेक्टर नियंत्रण पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रमुख स्थानों पर सम्मेलन से संबंधित ब्रांडिंग और सजावट को भी बेहतर किया जा रहा है।
इस तरह BRICS Summit 2026 से पहले दिल्ली में एयरपोर्ट, सड़क, सफाई, हरियाली, प्रकाश और सुरक्षा समेत कई मोर्चों पर एक साथ तैयारियां चल रही हैं। राजधानी को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार करने में विभिन्न सरकारी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।








