नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सम्मेलन के मद्देनजर 11 सितंबर को नई दिल्ली स्थित केंद्र सरकार के कार्यालयों में अवकाश रहेगा। कार्मिक मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
BRICS सम्मेलन के दौरान राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। दिल्ली सरकार पहले ही संभावित ट्रैफिक डायवर्जन और आवाजाही को लेकर एडवाइजरी जारी कर चुकी है।
पड़ोसी राज्यों के साथ दिल्ली पुलिस की हाईलेवल बैठक
सम्मेलन को सुरक्षित और सुचारु तरीके से संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा तैयारियों को और तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक हाईलेवल अंतरराज्यीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने की।
बैठक में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा, वाहनों की जांच, ट्रैफिक मैनेजमेंट और संदिग्ध लोगों के सत्यापन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
बॉर्डर पर बढ़ेगी निगरानी
अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े इनपुट एक-दूसरे के साथ साझा किए। दिल्ली की सीमाओं पर संदिग्ध वाहनों और लोगों की जांच के साथ-साथ अवैध घुसपैठ रोकने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा खुले इलाकों में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं की आवाजाही पर निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल साझा करने पर जोर दिया गया।
आम लोगों को कम से कम परेशानी का लक्ष्य
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ आम जनता को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लोगों तक पहले से पहुंचाई जाए।
इसके लिए रेडियो, सोशल मीडिया, टीवी और अखबारों के माध्यम से ट्रैफिक एडवाइजरी का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए गए हैं। एनसीआर पुलिस को भी आवश्यक एडवाइजरी जारी करने को कहा गया है।
वैकल्पिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने और वहां पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
BRICS Summit के दौरान दिल्ली में खास इंतजाम
11 से 13 सितंबर तक होने वाले BRICS सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रहेगी। पुलिस और प्रशासन का फोकस सम्मेलन की सुरक्षा के साथ-साथ राजधानी में आम लोगों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने पर है।








