महाराष्ट्र में खुले खाद्य तेल कारोबारियों को बड़ी राहत: 1 साल के लिए टली दंडात्मक कार्रवाई, CM फडणवीस का अहम फैसला

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महाराष्ट्र में खुले खाद्य तेल का व्यवसाय करने वाले हजारों व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में सरकार ने खुले खाद्य तेल की बिक्री के खिलाफ की जाने वाली प्रशासनिक कार्रवाई को फिलहाल एक वर्ष के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से व्यापारियों को अपनी कार्यप्रणाली में जरूरी सुधार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

एक साल का संक्रमण काल और सरकारी सहायता

खाद्य सुरक्षा और मिलावट रोकने के केंद्र सरकार के नियमों के बीच व्यापारियों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

समय सीमा का स्पष्ट संदेश: मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह एक साल का समय कारोबारियों के लिए बदलाव की अवधि है। इसके बाद समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी और नियमों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य होगा।

संयुक्त समितियों का गठन: खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और व्यापारी प्रतिनिधियों की संयुक्त कमेटियां बनेंगी, जो एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।

वित्तीय और तकनीकी मदद: नए मानकों के अनुसार पैकेजिंग और उत्पादन व्यवस्था अपनाने के लिए सरकार व्यापारियों को जरूरी सुविधाएं और आवश्यकता पड़ने पर अनुदान (सब्सिडी) देने पर भी विचार करेगी।

राज्य में कारोबार से जुड़े आंकड़े

महाराष्ट्र में बड़ी ग्रामीण और अर्ध-शहरी आबादी खुले खाद्य तेल पर निर्भर है और लाखों लोगों का रोजगार इससे जुड़ा है। वर्तमान में राज्य में 2,103 लाइसेंसधारी खुले खाद्य तेल कारोबारी सक्रिय हैं, जिनमें 370 के पास री-पैकिंग और 490 कारोबारियों के पास खाद्य तेल उत्पादन का लाइसेंस है। सरकार का उद्देश्य व्यापारियों को व्यवसाय से बाहर करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य मानकों और आजीविका के बीच संतुलन बनाना है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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