नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित नए शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। मंगलवार को एलजी टीएस सिंधू की मौजूदगी में स्टेशन के निर्माण की शुरुआत की गई।
सबसे खास बात यह है कि नया शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन जमीन से करीब 38 मीटर नीचे बनाया जाएगा। इसकी गहराई लगभग 12 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर होगी। स्टेशन को मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के शिवाजी स्टेडियम स्टेशन के ठीक नीचे बनाया जाना है। इसी वजह से इसके निर्माण को काफी गहराई तक ले जाना पड़ रहा है।
मैजेंटा लाइन का अहम हिस्सा होगा नया स्टेशन
प्रस्तावित शिवाजी स्टेडियम स्टेशन जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग तक मैजेंटा लाइन के विस्तार का हिस्सा है। स्टेशन के चालू होने के बाद यात्रियों को मैजेंटा लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के बीच सीधे इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।
इस इंटरचेंज से दिल्ली के महत्वपूर्ण इलाकों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को एक मेट्रो कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर में जाने के लिए सड़क पर निकलने की जरूरत नहीं होगी।
230 मीटर लंबा भूमिगत सब-वे बनेगा
दोनों मेट्रो स्टेशनों को आपस में जोड़ने के लिए करीब 230 मीटर लंबा भूमिगत सब-वे बनाया जाएगा। इसके जरिए यात्री एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से मैजेंटा लाइन और मैजेंटा लाइन से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
इस कनेक्टिविटी से खास तौर पर उन यात्रियों को फायदा होगा जिन्हें एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और मैजेंटा लाइन के बीच बार-बार यात्रा करनी पड़ती है।
राजीव चौक से भी जुड़ेगा शिवाजी स्टेडियम
नए शिवाजी स्टेडियम स्टेशन को राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से भी भूमिगत रास्ते के जरिए जोड़ने की योजना है। दोनों स्टेशनों के बीच करीब 800 मीटर लंबा सब-वे बनाया जाएगा।
इस सब-वे में यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रैवलेटर लगाया जाएगा। इससे यात्रियों को करीब 800 मीटर की दूरी पैदल तय करने की जरूरत नहीं होगी। राजीव चौक और शिवाजी स्टेडियम के बीच आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह कनेक्टिविटी काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
हर महीने 15 हजार घनमीटर मिट्टी की होगी खुदाई
स्टेशन को 38 मीटर की गहराई में बनाने के कारण निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई होगी। DMRC के अनुसार, हर महीने करीब 15 हजार घनमीटर मिट्टी बाहर निकाली जाएगी।
इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी को निर्माण स्थल से बाहर ले जाने के लिए हर महीने करीब 750 डंपर फेरे लगाने होंगे। यानी औसतन हर दिन करीब 25 डंपर फेरे होंगे।
हर महीने 3 हजार घनमीटर कंक्रीट की जरूरत
स्टेशन के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में कंक्रीट का भी इस्तेमाल होगा। DMRC के मुताबिक, हर महीने करीब 3,000 घनमीटर कंक्रीट की जरूरत होगी।
इसके लिए लगभग 500 ट्रांजिट मिक्सर फेरे लगाए जाएंगे। यानी स्टेशन के निर्माण के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही भी रहेगी और निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
दिल्ली मेट्रो कनेक्टिविटी को मिलेगा फायदा
नया शिवाजी स्टेडियम स्टेशन बनने के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में इंटरचेंज की सुविधा और बेहतर होगी। एक तरफ यह स्टेशन एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से सीधे जुड़ेगा, वहीं दूसरी तरफ राजीव चौक तक भूमिगत कनेक्टिविटी मिलने से यात्रियों को प्रमुख मेट्रो कॉरिडोर के बीच आवाजाही में आसानी होगी।
मैजेंटा लाइन के विस्तार के साथ यह परियोजना मध्य दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।








