नोएडा में बेहतर होगी पेयजल व्यवस्था, दिल्ली जल बोर्ड के मॉडल का अध्ययन कर रहा प्राधिकरण

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नोएडा: शहर के सेक्टरों, गांवों और सोसाइटी में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने दिल्ली जल बोर्ड के मॉडल का अध्ययन शुरू किया है। इसी सिलसिले में नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग की टीम ने दिल्ली के मोतीनगर स्थित दिल्ली जल बोर्ड के कमांड कंट्रोल सेंटर का दौरा किया और वहां पानी की निगरानी एवं प्रबंधन व्यवस्था को समझा।

टीम ने मोतीनगर के अलावा शादीपुर, पटेल नगर और आसपास के क्षेत्रों में जल प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। अब नोएडा जल विभाग दिल्ली में देखी गई व्यवस्थाओं के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार करेगा और इसे प्राधिकरण के सामने रखा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर नोएडा में जल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने की संभावनाओं पर फैसला लिया जा सकता है।

AI से होगी पानी की लाइनों की निगरानी

जल विभाग के जीएम आरपी सिंह के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड ने निजी कंपनी के सहयोग से इंटेलिजेंट कमांड कंट्रोल सेंटर तैयार किया है। इस सेंटर के जरिए शहर की जल लाइनों को एक आधुनिक निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है।

इस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से जल लाइनों में होने वाले लीकेज, पानी की आपूर्ति बाधित होने और अन्य समस्याओं की निगरानी की जाती है। इससे किसी समस्या का पता लगने के बाद उस पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

इसके अलावा अल्ट्रासोनिक मीटर के जरिए पानी की आपूर्ति को नियंत्रित और मॉनिटर करने की सुविधा भी मौजूद है। नोएडा प्राधिकरण अब इसी तरह की तकनीक को शहर में लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन कर रहा है।

शिकायत के बाद पता चलता है लीकेज

फिलहाल नोएडा में जल लाइनों की लगातार निगरानी और समय रहते लीकेज का पता लगाने की प्रभावी व्यवस्था नहीं है। कई मामलों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होने की जानकारी लोगों की शिकायत के बाद मिलती है।

ऐसे में प्राधिकरण का मानना है कि आधुनिक कमांड कंट्रोल सिस्टम लागू होने से जल लाइनों की निगरानी बेहतर हो सकती है और लीकेज जैसी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

सेक्टर, गांव और सोसाइटी को मिलेगा फायदा

नोएडा में जल आपूर्ति का नेटवर्क काफी व्यापक है और शहर के सेक्टरों के साथ-साथ गांवों और सोसाइटी में भी पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में किसी आधुनिक निगरानी प्रणाली के लागू होने से पानी की सप्लाई, लीकेज और पाइपलाइन से जुड़ी समस्याओं को एक ही प्लेटफॉर्म से मॉनिटर करने में मदद मिल सकती है।

नोएडा प्राधिकरण अब दिल्ली मॉडल का तकनीकी और व्यावहारिक अध्ययन कर रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद यह तय किया जाएगा कि नोएडा की जरूरतों के अनुसार इस मॉडल को किस तरह अपनाया जा सकता है।

अगर योजना को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में नोएडा में पेयजल आपूर्ति की निगरानी ज्यादा स्मार्ट और तकनीक आधारित हो सकती है। इससे पानी की बर्बादी कम करने और लोगों को बेहतर जल आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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