दिल्ली में फार्म हाउस के नियम बदले, अब 4,000 वर्गमीटर के प्लॉट पर मिलेंगी नई निर्माण सुविधाएं

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नई दिल्ली: दिल्ली के फार्म हाउस मालिकों के लिए मास्टर प्लान-2047 में जमीन के आकार और निर्माण से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों के तहत 4,000 वर्गमीटर के प्लॉट को लो डेंसिटी प्लॉट के रूप में मानते हुए फार्म हाउस के विकास और निर्माण के लिए नए विकास नियंत्रण मानक तय किए गए हैं।

नए नियम के मुताबिक, 4,000 वर्गमीटर के फार्म हाउस प्लॉट पर 20 तक फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) बिना अतिरिक्त शुल्क के लेने की अनुमति होगी। वहीं, FAR को 20 से बढ़ाकर अधिकतम 30 तक करने के लिए निर्धारित अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा।

4,000 वर्गमीटर प्लॉट पर कितना निर्माण?

फार्म हाउस प्लॉट पर 20 FAR के मामले में अधिकतम 10 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की अनुमति होगी। यानी 4,000 वर्गमीटर के प्लॉट पर अधिकतम 400 वर्गमीटर जमीन पर भवन का निर्माण किया जा सकेगा। अगर अतिरिक्त शुल्क देकर FAR को 30 तक बढ़ाया जाता है, तो अधिकतम ग्राउंड कवरेज 15 प्रतिशत यानी 600 वर्गमीटर तक हो सकती है।

भवन की अधिकतम ऊंचाई 12 मीटर निर्धारित की गई है। इसके साथ ही हरित क्षेत्र से जुड़ी शर्तों को भी अनिवार्य रखा गया है। प्लॉट के कम से कम 50 प्रतिशत हिस्से को ग्रीन एरिया के रूप में रखना होगा। इस हिसाब से 4,000 वर्गमीटर के प्लॉट पर कम से कम 2,000 वर्गमीटर क्षेत्र हरित क्षेत्र के तौर पर सुरक्षित रखना होगा।

सेटबैक के नियम भी तय

नए प्रावधानों में भवन के चारों ओर सेटबैक की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है। फार्म हाउस के सामने की ओर कम से कम 15 मीटर का सेटबैक रखना होगा, जबकि अन्य तीन दिशाओं में पांच-पांच मीटर का सेटबैक अनिवार्य होगा।

इसके अलावा, नए प्रावधानों का लाभ उठाने वाले फार्म हाउस प्लॉट के सामने कम से कम 12 मीटर चौड़ी सड़क होना जरूरी होगा।

तीन तक मुख्य आवासीय इकाइयों की अनुमति

नए नियमों के तहत 4,000 वर्गमीटर के फार्म हाउस प्लॉट पर 20 FAR के साथ अधिकतम दो मुख्य आवासीय इकाइयां बनाई जा सकती हैं। अगर FAR को अतिरिक्त शुल्क देकर 20 से बढ़ाकर 30 तक किया जाता है, तो एक अतिरिक्त आवासीय इकाई की अनुमति मिलेगी। इस तरह अधिकतम तीन मुख्य आवासीय इकाइयां बनाई जा सकेंगी।

हालांकि, इन सभी आवासीय इकाइयों का एक ही भवन ब्लॉक का हिस्सा होना जरूरी होगा।

सेवा कर्मियों के लिए भी प्रावधान

फार्म हाउस में सेवा कर्मियों के लिए अधिकतम तीन EWS आवासीय इकाइयां बनाने की अनुमति होगी। प्रत्येक इकाई का अधिकतम क्षेत्रफल 20 वर्गमीटर तक रखा गया है। इन इकाइयों को अनुमत FAR से अतिरिक्त माना जाएगा।

पुराने नियमों से कितना बदला?

दिल्ली के पुराने लो डेंसिटी रेजिडेंशियल एरिया में फार्म हाउस के लिए न्यूनतम 2.5 एकड़ यानी करीब 10,117 वर्गमीटर जमीन का मानक रहा है। इसके मुकाबले मास्टर प्लान-2047 में 4,000 वर्गमीटर की सीमा करीब एक एकड़ के बराबर है।

इस बदलाव के जरिए छोटे आकार के प्लॉटों के लिए भी फार्म हाउस विकास का नियमन करने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, निर्माण के साथ हरित क्षेत्र, सेटबैक, सड़क की चौड़ाई और अन्य विकास नियंत्रण मानकों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।

कुल मिलाकर, मास्टर प्लान-2047 के तहत फार्म हाउस के लिए किए गए ये बदलाव जमीन के न्यूनतम आकार, FAR, ग्राउंड कवरेज, आवासीय इकाइयों और ग्रीन एरिया से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आए हैं। अब 4,000 वर्गमीटर के पात्र प्लॉट पर निर्धारित शर्तों के तहत निर्माण की अधिक स्पष्ट व्यवस्था होगी।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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