उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर NDA के संभावित सीट बंटवारे को लेकर बड़ा दावा किया। उनके अनुसार, बीजेपी अपनी संभावित हार के डर से सहयोगियों को जोड़े रखने के लिए आरएलडी को 73, सुभासपा को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल (एस) को 19 सीटें देने की योजना बना रही है। अखिलेश ने इसे ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के दबाव का नतीजा बताया।
भाजपा और सहयोगियों का तीखा हमला
सपा प्रमुख के दावे पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इसे खारिज किया और कहा कि अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ अपने गठबंधन को लेकर दबाव में हैं। उन्होंने तंज कसते हुए सपा के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल उठाए।
वहीं, एनडीए की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) के नेता और यूपी सरकार में मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी ट्वीट का खेल नहीं खेलती, बल्कि जमीन पर काम करती है। उन्होंने अखिलेश यादव पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि 2027 में एनडीए पूर्ण बहुमत के साथ फिर सरकार बनाएगा।
सियासी घमासान जारी
चुनावी रणनीतियों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर शुरू हुई यह बयानबाजी साफ इशारा कर रही है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में गठबंधन के समीकरण और तीखे मोड़ लेंगे।








