13 अगस्त 2026 को दुनियाभर में कई बड़े घटनाक्रम सामने आए। रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान-अमेरिका के बीच रणनीतिक **होर्मुज जलडमरूमध्य** को लेकर टकराव, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का जापान के दावे वाले कुरिल द्वीप का दौरा और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहा। वहीं, वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों पर भी इन घटनाओं का असर दिखाई दिया।
## रूस ने यूक्रेन के डेन्यूब पोर्ट पर किया हमला
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में 13 अगस्त को तनाव और बढ़ गया। रूस ने यूक्रेन के डेन्यूब क्षेत्र में स्थित **इज्माइल पोर्ट** पर हमला किया। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका से अतिरिक्त **Patriot एयर डिफेंस सिस्टम** उपलब्ध कराने की अपील की है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी क्षेत्र में बंदरगाह और ऊर्जा ढांचे लगातार महत्वपूर्ण निशाने बने हुए हैं।
## पुतिन के कुरिल द्वीप दौरे से जापान नाराज
रूस के राष्ट्रपति **व्लादिमीर पुतिन** ने जापान के दावे वाले कुरिल द्वीप समूह के इतुरुप द्वीप का दौरा किया। इस दौरे पर जापान ने कड़ा विरोध जताया है। टोक्यो लंबे समय से इन द्वीपों पर अपना दावा करता रहा है और रूस-जापान के बीच यह क्षेत्रीय विवाद दोनों देशों के संबंधों में बड़ी बाधा बना हुआ है। पुतिन की यात्रा से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
## होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-अमेरिका आमने-सामने
ईरान और अमेरिका के बीच **Strait of Hormuz** को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। ईरानी पक्ष ने दावा किया है कि यह रणनीतिक जलमार्ग ईरान के नियंत्रण और प्रबंधन में है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही इस जलमार्ग पर अमेरिका के नियंत्रण का दावा कर चुके हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह का लंबा व्यवधान वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
## तेल की कीमतों में गिरावट
ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज में शिपिंग को लेकर अनिश्चितता के बावजूद गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। **Brent crude करीब 1.7 फीसदी गिरकर 87.44 डॉलर प्रति बैरल** पर पहुंचा, जबकि अमेरिकी WTI करीब 1.9 फीसदी गिरकर 81.66 डॉलर प्रति बैरल रहा।
अमेरिका में कच्चे तेल के भंडार बढ़ने और वैश्विक मांग कमजोर रहने की आशंका को कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजह बताया गया।
## पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार
ईरान और अमेरिका के बीच पहले हुए अंतरिम समझौते को दोबारा बहाल करने की कोशिशों में भी कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते की शर्तें पूरी नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खोलना इस विवाद का सबसे अहम मुद्दा बना हुआ है।
## दुनिया भर के बाजारों पर भी नजर
अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी शुरुआती कारोबार में सीमित उतार-चढ़ाव दिखाई दिया। AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में मजबूती ने भी बाजार को सहारा दिया।
13 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान-अमेरिका टकराव और रूस-जापान के क्षेत्रीय विवाद सबसे अहम मुद्दे रहे। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।








