संसद में छात्रों के मुद्दों पर जारी घमासान के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर जोरदार पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने सरकार की ओर से बहस और बयान के लिए समय तय किए जाने की शर्त को पूरी तरह से गैर-लोकतांत्रिक और औपचारिकता करार दिया है।
सत्र को जल्दबाजी में समाप्त करने की
गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में गतिरोध दूर करने और छात्र आंदोलन के विषय पर दोपहर 3 बजे से विस्तृत चर्चा के साथ जवाब देने की पेशकश की थी। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार संसद में जवाब देने के लिए जो समय-सीमा तय करना चाहती है, वह अपने आप में अलोकतांत्रिक है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष की यह मंशा असल में कोई ठोस जवाब देने की नहीं, बल्कि महज एक थोथा बयान देने और चल रहे सत्र को जल्दबाजी में समाप्त करने की है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक उत्तरदायित्व और जवाबदेही किसी समय की शर्त से नहीं, बल्कि कर्तव्य के बोध से पूरी होती है।








