संसद में विपक्ष का भारी हंगामा; प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरा
संसद के मानसून सत्र के दौरान छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का मुद्दा गरमाता जा रहा है। इलाहाबाद (प्रयागराज) समेत अन्य स्थानों पर छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। विपक्ष लगातार गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर जवाब देने की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा— “गृह मंत्री जी, आप डर रहे हैं और इसलिए डर रहे हैं क्योंकि आपने गलती की है।”
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और पूछा कि वे गृह मंत्री को सदन में आकर वक्तव्य देने का निर्देश क्यों नहीं दे रहे हैं।
विपक्षी नेताओं के रुख और मुख्य बिंदु
कांग्रेस का रुख: प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि जब तक गृह मंत्री संसद में आकर छात्रों पर हुए बल प्रयोग पर बयान नहीं देते, तब तक सदन का गतिरोध बना रहेगा। कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में भी प्रदर्शन किया।
अखिलेश यादव का हमला: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र में जनता के सवालों से भाग रही है। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़े जाने का मुद्दा उठाया।
प्रयागराज में दर्ज मुकदमों पर सवाल: अखिलेश यादव ने दावा किया कि इलाहाबाद में प्रदर्शनकारी छात्रों पर अभी भी झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि सरकार ने आश्वासन दिया था कि छात्रों को परेशान नहीं किया जाएगा।
FCRA बिल पर घेराबंदी: अखिलेश यादव ने एफसीआरए (FCRA) संशोधन बिल को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार इसके जरिए स्वतंत्र संस्थानों पर नियंत्रण पाना चाहती है।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री के बयान की मांग को लेकर विपक्ष अपने रुख पर अड़ा हुआ है, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। अब देखना होगा कि इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार क्या रुख अपनाती है।








