आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, अंतरिम जमानत याचिका खारिज

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नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर की सेन्ट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 85 वर्षीय आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर दायर की गई उनकी अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। 85 वर्षीय आसाराम ने अपनी बढ़ती उम्र और बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कुछ समय के लिए अंतरिम जमानत दिए जाने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने के बाद राहत देने से साफ इनकार कर दिया।

मेडिकल रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया
अदालत ने यह फैसला सुनाने से पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), जोधपुर की ओर से पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया। मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने पाया कि वर्तमान में आसाराम की स्थिति ऐसी नहीं है जिसके लिए उन्हें जेल से रिहा कर बाहर इलाज कराने की अनिवार्य आवश्यकता हो।
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जोधपुर स्थित एम्स और संबंधित अस्पताल में ही आसाराम को आवश्यक और समुचित चिकित्सीय देखभाल प्रदान की जा सकती है। इसके साथ ही अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके इलाज और स्वास्थ्य सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो आसाराम बापू को वर्ष 2013 में अपने जोधपुर स्थित आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद वर्ष 2018 में निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से वे जोधपुर जेल में ही अपनी सजा काट रहे हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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