‘लॉक अप 2’: पिता के आखिरी दिनों का सच बताते हुए भावुक हुए राम कपूर, 5 साल से मां और बहन से बंद है बातचीत

SHARE:

कैंसर, कोविड के दौर की जंग और पिता की आखिरी इच्छा का भावुक खुलासा
टीवी के लोकप्रिय अभिनेता राम कपूर इन दिनों रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ में दिए अपने एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाले खुलासे को लेकर सुर्खियों में हैं। शो के हालिया एपिसोड में राम कपूर ने अपने पिता के आखिरी दिनों, उनके साथ अपने रिश्तों के तनाव और उस फैसले के बारे में बात की, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। उनकी यह आपबीती सुनकर शो के बाकी कंटेस्टेंट्स की आंखें भी नम हो गईं।

बिजनेस बनाम एक्टिंग: रिश्तों में बना रहा फासला
राम कपूर ने खुलकर स्वीकार किया कि उनके पिता एक बेहद सफल बिजनेसमैन थे और वे चाहते थे कि राम भी उनका पारिवारिक कारोबार संभालें। लेकिन राम ने एक्टिंग की राह चुनी, जिस वजह से पिता और बेटे के बीच अक्सर वैचारिक मतभेद रहते थे।

कैंसर से पहली जंग: जब उनके पिता 63 वर्ष के थे, तब उन्हें पहली बार कैंसर का पता चला। डॉक्टरों ने सर्जरी की संभावना से इनकार कर दिया था, लेकिन कीमोथेरेपी के जरिए वे ठीक हुए और अगले 10 सालों तक सामान्य जीवन जिया।

कोविड काल में फिर लौटा कैंसर: 73 साल की उम्र में सिंगापुर में रहने के दौरान उनके पिता का कैंसर दोबारा उभर आया।

आईसीयू का वो फोन कॉल और आखिरी इच्छा
राम ने बताया कि कोविड काल के उस दौर में उनके पिता ने सिंगापुर से उन्हें फोन किया। पिता ने कहा कि अब वे और दर्द सहन नहीं कर सकते और चाहते हैं कि राम उनके अंतिम पलों में उनके पास रहें। राम तुरंत सिंगापुर पहुंचे और आईसीयू में पिता का हाथ थामे लगातार उनके साथ रहे।

अंतिम संस्कार और परिवार की नाराजगी:
उनके पिता की इच्छा थी कि उनके जाने के बाद कोई रोए नहीं और उसी दिन उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाए। राम कपूर ने अपनी मां और बहन को पूरी जानकारी दिए बिना अपने पिता की इस अंतिम इच्छा को पूरा किया।

“5 साल से मां और बहन से बात नहीं हुई, पर पछतावा नहीं”
इस घटना का राम कपूर के व्यक्तिगत जीवन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया कि पिता की इच्छा का सम्मान करने की वजह से उनकी मां और बहन आज भी उनसे नाराज हैं और बीते 5 सालों से उनसे कोई बातचीत नहीं कर रही हैं।

राम ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि एक बेटे के तौर पर उन्होंने अपने पिता के आखिरी पलों में उनकी इच्छा निभाई। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें जिंदगी और मौत का असली मतलब सिखाया है और अब उन्हें मौत से डर नहीं लगता। Social media पर भी राम कपूर की इस कहानी की जमकर चर्चा हो रही है और लोग उनके साहस की सराहना कर रहे हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times