जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में 650 से अधिक वकीलों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने अदालत का रुख करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया और कई मामलों में पुलिस अधिकारियों का व्यवहार भी सवालों के घेरे में रहा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।
वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत में कहा गया कि याचिकाकर्ताओं ने उपलब्ध वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस ने यह भी दलील दी कि याचिका में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को मुख्य साक्ष्य के रूप में पेश किया गया है, जिसकी सत्यता की जांच आवश्यक है।
मामले की सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि मामले से जुड़े सभी संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं ताकि जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध रह सकें।
इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को निर्धारित की गई है। अदालत के आगामी आदेशों पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।








