कालकाजी मंदिर में ‘गुर्जरी माता’ नामपट्ट हटाने का दावा, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

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राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर से जुड़ा एक दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ सामाजिक संगठनों और गुर्जर समाज के लोगों का कहना है कि मंदिर के शिखर पर लगी “गुर्जरी माता मंदिर” नामपट्टिका को हटा दिया गया है। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और कई लोग इसे मंदिर के ऐतिहासिक स्वरूप से जोड़कर देख रहे हैं।

पोस्ट में दावा किया गया है कि कालकाजी मंदिर का इतिहास केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि स्थानीय लोक परंपराओं और गुर्जर समाज की आस्था से भी जुड़ा रहा है। कई लोगों का कहना है कि पहले मंदिर के शिखर पर “जय गुर्जरी माता” और “गुर्जरी माता मंदिर” लिखी नामपट्टिका लगी हुई थी, जिसे कथित रूप से हटा दिया गया।

इतिहास से जुड़े किए जा रहे दावे

लोक मान्यताओं के अनुसार कालकाजी मंदिर को एक प्राचीन सिद्धपीठ माना जाता है। मान्यता है कि सतयुग में देवी काली ने इसी स्थान पर रक्तबीज का संहार किया था। वहीं महाभारत काल से भी इस मंदिर का संबंध बताया जाता है और कहा जाता है कि पांडवों ने युद्ध से पहले यहां देवी की आराधना की थी।

ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार वर्तमान मंदिर का प्रमुख ढांचा मराठा शासकों द्वारा वर्ष 1764 में बनवाया गया था, जबकि बाद में इसका विस्तार और सौंदर्यीकरण भी कराया गया।

दिल्ली गजेटियर का भी दिया जा रहा हवाला

सोशल मीडिया पर साझा की जा रही जानकारी में 1883-84 के दिल्ली गजेटियर का उल्लेख करते हुए दावा किया जा रहा है कि कालकाजी मंदिर में लगने वाले मेलों में बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग शामिल होते थे। इसी आधार पर कुछ लोग मंदिर और गुर्जर समाज के ऐतिहासिक संबंध का दावा कर रहे हैं।

नामपट्ट हटाने पर उठे सवाल

दावा करने वालों का कहना है कि नामपट्ट हटाने से इतिहास नहीं बदला जा सकता और मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखा जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि मंदिर प्रबंधन से बातचीत के दौरान शुरुआत में नामपट्टिका होने से इनकार किया गया, लेकिन बाद में इसे दोबारा लगाने का आश्वासन दिया गया।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मंदिर प्रशासन की ओर से भी इस विषय पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में वायरल दावों की पुष्टि होना अभी बाकी है।

Kinni Times
Author: Kinni Times