नीट पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को राजधानी दिल्ली में पूरे दिन राजनीतिक हलचल और छात्र आंदोलन तेज रहा। लंबे विरोध प्रदर्शन और सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया।
इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे “देश के भविष्य और लोकतंत्र की जीत” बताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। वहीं प्रियंका गांधी ने प्रदर्शनकारी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि देश लोकतांत्रिक मूल्यों से चलेगा। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया।
दिनभर चले आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार द्वारा अपनी तीन प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने का दावा करते हुए धरना समाप्त करने की घोषणा की। पार्टी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के हितों की रक्षा की जाएगी। सरकार की ओर से जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आंदोलनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की।
स्थिति सामान्य होने पर दिल्ली मेट्रो ने राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, जनपथ समेत सभी प्रभावित मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार फिर से खोल दिए। कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर क्षेत्र में बंद की गई मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गईं।
इस बीच सरकार ने संकेत दिए हैं कि पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अगले दो दिनों तक हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।







