CJP संसद मार्च की जांच में नया एंगल: विदेशी फंडिंग और सोशल मीडिया नेटवर्क की पड़ताल में जुटीं एजेंसियां

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CJP के संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि प्रदर्शन को संगठित करने में कहीं विदेशी नेटवर्क, संदिग्ध सोशल मीडिया गतिविधियों या कथित ‘टूलकिट’ का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां प्रदर्शन से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स, इंटरनेट गतिविधियों और फंडिंग के स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान वायरल हुई कई पोस्ट और संदेश किस जगह से संचालित किए गए और उनका उद्देश्य क्या था।

सोशल मीडिया गतिविधियां जांच के दायरे में

अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर बड़ी मात्रा में वीडियो, पोस्ट और दावे तेजी से वायरल हुए। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनमें से कौन-सी जानकारी सही थी और कौन-सी भ्रामक या गलत थी। कुछ संदिग्ध अकाउंट्स और उनके आईपी एड्रेस की भी जांच की जा रही है।

फंडिंग और बाहरी लोगों की भूमिका की भी जांच

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रदर्शन में शामिल सभी लोग छात्र थे या कुछ बाहरी तत्व भी इसमें शामिल थे। इसके अलावा यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रदर्शन के आयोजन में इस्तेमाल हुए संसाधनों और कथित आर्थिक सहायता का स्रोत क्या था।

पुराने सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच के घेरे में

सूत्रों के मुताबिक, CJP से जुड़े कुछ सोशल मीडिया अकाउंट पहले भी कार्रवाई के दायरे में आए थे। अब एजेंसियां नए और पुराने सभी संबंधित अकाउंट्स की गतिविधियों की जांच कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रदर्शन को संगठित करने में किन-किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी है। अभी तक किसी विदेशी संस्था, देश या संगठन की भूमिका को लेकर आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही एजेंसियां इस मामले में विस्तृत जानकारी साझा करेंगी।

Kinni Times
Author: Kinni Times