संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह सत्र बेहद खास और ऐतिहासिक होने वाला है। उन्होंने देश में हो रहे मानसून के आगमन और संसद के सत्र की तुलना करते हुए एक सकारात्मक संदेश दिया।
संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा:
“मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों ही प्रो-एक्टिव हों, तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। और जब दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है। इसीलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रो-एक्टिव रहे और मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे।”
पीएम मोदी ने कहा कि जब संसद में रचनात्मक और सार्थक चर्चाएं होती हैं, तो इससे नीतिगत फैसलों को गति मिलती है और अंतिम छोर पर खड़े नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचता है। संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं के सामर्थ्य और स्पेस सेक्टर में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियों की सराहना की। पीएम ने कहा कि पिछले कुछ समय में भारत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से लेकर हाल ही में भारतीय प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ द्वारा हासिल की गई बड़ी कामयाबी यह साबित करती है कि भारत के युवाओं की सोच और क्षमता अब अंतरिक्ष जितनी ही असीम है।








