अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हो रहे सैन्य हमलों को लेकर बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। ट्रंप ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि ईरान पर अमेरिकी सेना के हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक वे खुद उन्हें रोकने का अंतिम फैसला नहीं करते। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में जब उनसे पूछा गया कि ये हमले कब तक चलेंगे, तो उन्होंने सीधे शब्दों में कहा, “यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक मैं खुद न कहूं कि अब बस बहुत हुआ”।
ईरान जल्द ही बातचीत की मेज पर नहीं आता
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की सैन्य रणनीति का खुलासा करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा (एनर्जी) से जुड़े ठिकानों को सबसे आखिर के लिए बचाकर रखा गया है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना पहले चरण में ईरान के अन्य सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें कमजोर कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान जल्द ही बातचीत की मेज पर नहीं आता है, तो अगले कदमों के तहत उसके बिजलीघरों (पावर प्लांट्स) और पुलों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।
ईरान पर रात-दिन हवाई हमले तेज कर दिए
दोनों देशों के बीच हाल ही में हुआ संघर्षविराम पूरी तरह टूटने के बाद से तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को आधार बनाकर ईरान पर रात-दिन हवाई हमले तेज कर दिए हैं और उसकी समुद्री सीमाओं की नाकेबंदी भी शुरू कर दी है। अमेरिकी प्रशासन के इस सख्त रवैये ने मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) के पूरे इलाके में युद्ध की आशंका और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चिंताओं को काफी बढ़ा दिया है।








