गगनयान मिशन को ऑस्ट्रेलिया का बड़ा साथ! ISRO को मिला स्पेस ट्रैकिंग सपोर्ट

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक संबंधों में विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नया ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है. ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की मौजूदगी में कई बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के साथ-साथ विशेष रूप से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्धता जताई.

तकनीकी और टेलीमेट्री सहयोग प्रदान करेगा
इस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन का सबसे बड़ा और रणनीतिक आकर्षण अंतरिक्ष क्षेत्र में हुआ एक अभूतपूर्व समझौता रहा. प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने घोषणा की है कि ऑस्ट्रेलिया के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर एक अस्थायी स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल को आधिकारिक रूप से चालू यानी कमिशन कर दिया गया है. यह अत्याधुनिक ट्रैकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सबसे महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक ‘गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन’ को सीधे तौर पर बेहद जरूरी तकनीकी और टेलीमेट्री सहयोग प्रदान करेगा.

लोकतांत्रिक देशों की स्थिति को और मजबूत करेगी
ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी के नेतृत्व में स्थापित किया गया यह टर्मिनल गगनयान कार्यक्रम के तहत नियोजित सभी चार प्रमुख मिशनों को सक्रिय रूप से ट्रैक करने में सक्षम है. भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष में भेजने और वापस लाने के लिए इस ग्राउंड स्टेशन की भौगोलिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की यह स्पेस पार्टनरशिप केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच इंडस्ट्री-टू-इंडस्ट्री सहयोग को भी बढ़ावा देगी, जो आने वाले समय में वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में दोनों लोकतांत्रिक देशों की स्थिति को और मजबूत करेगी.

Kinni Times
Author: Kinni Times