ट्रंप की ईरान को खुली धमकी! ‘समझौता करो या अंजाम भुगतो’

SHARE:

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर बेहद आक्रामक और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की अंतिम यात्रा और देश में चल रहे कई दिनों के राजकीय शोक के बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान को सीधे शब्दों में युद्ध और तबाही की खुली धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को दो टूक लहजे में कहा कि ईरान के पास अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं— या तो वे अमेरिका के साथ उनकी शर्तों पर समझौता कर लें, अन्यथा उनका काम तमाम कर दिया जाएगा।

वैश्विक कूटनीतिज्ञों को हैरान कर दिया

यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की यह सनसनीखेज चेतावनी ठीक ऐसे समय पर आई है, जब पूरा ईरान अपने सबसे बड़े नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद गहरे संकट और शोक में डूबा हुआ है। ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में कई दिनों तक चलने वाले राजकीय अंतिम संस्कार की प्रक्रियाएं की जा रही हैं, जहां लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर हैं। इस संवेदनशील समय में ट्रंप के इस आक्रामक बयान ने वैश्विक कूटनीतिज्ञों को हैरान कर दिया है, क्योंकि इसे सत्ता परिवर्तन के इस नाजुक दौर में ईरान पर अत्यधिक दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

कोई ढील देने के मूड में नहीं

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया और कूटनीतिक मंचों के सामने अपनी बात रखते हुए साफ किया कि वह ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और मध्य पूर्व में उसकी सैन्य गतिविधियों को लेकर कोई ढील देने के मूड में नहीं हैं। ट्रंप का यह बयान साफ संदेश देता है कि वाशिंगटन तेहरान के नए संभावित नेतृत्व को संभलने का कोई मौका नहीं देना चाहता। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इस समय ईरान चौतरफा दबाव में है, और यही सही वक्त है जब उसे घुटने टेकने पर मजबूर किया जा सकता है।

Kinni Times
Author: Kinni Times