मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई अहम बैठक; व्यापारियों ने कहा— “कारोबार बढ़ाएंगे, लेकिन बाजार नहीं छोड़ेंगे”
बिजनेस डेस्क, दिल्ली/हरियाणा:
दिल्ली के ऐतिहासिक और सबसे मशहूर थोक बाजारों में से एक, सदर बाजार को हरियाणा शिफ्ट किए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। इस बड़े मुद्दे को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने व्यापारियों और कारोबारी संगठनों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में आधुनिक ट्रेड हब, बड़े वेयरहाउस (गोदाम), लॉजिस्टिक्स और नए कमर्शियल सेंटर बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
व्यापारियों ने जताया विरोध, शिफ्टिंग से किया इनकार
भले ही सरकार बड़े स्तर पर इसकी योजना बना रही हो, लेकिन सदर बाजार के व्यापारियों ने इस पर अपना स्टैंड पूरी तरह साफ कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि सदर बाजार सिर्फ एक मार्केट नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक पहचान है। वे इसे दिल्ली से कहीं भी और कभी भी शिफ्ट नहीं करेंगे।
व्यापारियों ने बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा:
“हम हरियाणा में अपने कारोबार का विस्तार (एक्सपेंशन) करने और वहां निवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मूल सदर बाजार को ही वहां स्थानांतरित कर दिया जाए।”
मुख्यमंत्री सैनी ने दिया भरोसा
व्यापारियों की चिंता और विरोध को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी योजना को व्यापारियों पर जबरन नहीं थोपेगी और उनकी सहमति के बिना इस प्रोजेक्ट पर कोई भी अंतिम फैसला नहीं लिया जाएगा।
क्यों चल रही है यह चर्चा?
दिल्ली के सदर बाजार में जगह की कमी, भारी ट्रैफिक और गोदामों की किल्लत एक पुरानी समस्या है। हरियाणा सरकार इसी का फायदा उठाकर दिल्ली से सटे इलाकों (जैसे गुरुग्राम या फरीदाबाद के पास) में एक बड़ा और आधुनिक बिजनेस हब विकसित करना चाहती है, जहां व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
फिलहाल इस बैठक के बाद गेंद सरकार के पाले में है। अब देखना यह होगा कि व्यापारियों को लुभाने और इस बड़ी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की अगली रणनीति क्या होती है।








