सैदुलाजाब हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट सख्त, MCD से मांगा अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का पूरा ब्योरा

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर दिल्ली नगर निगम (MCD) को अवैध और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देने की मांग की है।

यह मांग 30 मई को दिल्ली के सैदुलाजाब क्षेत्र में कथित रूप से अवैध रूप से निर्मित पांच मंजिला इमारत के ढहने की घटना के बाद की गई है। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम 14 लोग घायल हुए थे।

25 मार्च को, न्यायमूर्ति Ahsanuddin Amanullah और R. Mahadevan की पीठ ने भवन निर्माण नियमों के व्यापक उल्लंघन और नगर निकायों की कथित विफलता पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। अदालत ने देशभर में आवासीय संपत्तियों के दुरुपयोग और अवैध भूमि उपयोग परिवर्तन की जांच के निर्देश भी दिए थे।

वरिष्ठ अधिवक्ता और न्यायालय मित्र Ajit Kumar Sinha ने 4 जून को दायर अपनी स्थिति रिपोर्ट में कहा कि सैदुलाजाब हादसा राजधानी में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों और नियामकीय विफलताओं का गंभीर उदाहरण है।

रिपोर्ट के अनुसार, सैदुलाजाब स्थित उक्त भवन को नगर निगम ने कई बार अवैध निर्माण के लिए चिन्हित किया था। वर्ष 2012 में पहली बार उल्लंघन दर्ज किया गया था और 2015 में अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण पर भी कार्रवाई दर्ज हुई थी। इसके बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए और निर्माण कार्य जारी रहा। बताया गया है कि इमारत के चौथे और पांचवें तल हाल ही में बनाए गए थे, जिसके बाद यह भवन ढह गया।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि एमसीडी ने अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया और बार-बार उल्लंघन सामने आने के बावजूद न तो भवन को सील किया गया और न ही आगे का निर्माण रोका गया।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि एमसीडी को दिल्ली क्षेत्र में सभी अवैध और अनधिकृत निर्माणों तथा आवासीय परिसरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के मामलों पर सर्वेक्षण और कार्रवाई की जानकारी देते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जाए।

इसके अलावा, दिल्ली में एमसीडी के अधिकार क्षेत्र के सभी भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट (संरचनात्मक सुरक्षा जांच) कराने तथा अवैध संरचनाओं को समयबद्ध तरीके से सील और ध्वस्त करने के निर्देश भी मांगे गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी मांग की गई है कि एमसीडी यह बताए कि प्लॉट नंबर 261, वेस्टर्न मार्ग, सैद-उल-अजैब स्थित पांच मंजिला अवैध भवन का निर्माण कैसे जारी रहने दिया गया और इसमें शामिल दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

साथ ही, Government of NCT of Delhi और दिल्ली पुलिस से भवन ढहने की घटना पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें नगर निगम अधिकारियों की कथित भूमिका की भी जानकारी शामिल हो।

याचिका में दिल्ली सरकार को मृतकों के परिजनों को दिए जाने वाले मुआवजे की व्यवस्था और प्रक्रिया संबंधी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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