डीडीए की जमीन पर कब्जे का आरोप, हरे-भरे पेड़ों की कटाई से इलाके में नाराज़गी

SHARE:

दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर विधानसभा थाना मैदानगढ़ी के हरगोबिंद एन्क्लेव इलाके में डीडीए की जमीन पर कथित कब्जे और हरे-भरे पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि DN Fitness Unisex Gym और CNG Pump के पीछे, पुलिस बूथ के पास लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। मामले को लेकर 112 पर शिकायत भी की गई, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कथित तौर पर सामाजिक कार्यकर्ता को पुलिस की तरफ से कहा गया कि मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा।

रात के समय भी चल रही गतिविधियां- स्थानीय लोगों का दावा

इलाके के लोगों का आरोप है कि पेड़ों की कटाई का काम कई दिनों से जारी है। लोगों का कहना है कि सुबह और देर शाम कुछ लोग मशीनों और औजारों के साथ पहुंचते हैं और धीरे-धीरे पेड़ों को काटा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने यह भी दावा किया कि कई पेड़ों की शाखाएं पहले काटी गईं और बाद में पूरे पेड़ों को गिरा दिया गया।

निवासियों के अनुसार, जिस जमीन पर यह गतिविधियां हो रही हैं वह डीडीए से जुड़ी बताई जा रही है और वहां किसी प्रकार का निर्माण या कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अभी तक प्रशासन की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पर्यावरण को लेकर बढ़ी चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पहले से ही हरियाली कम होती जा रही है और ऐसे में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। लोगों ने सवाल उठाया कि अगर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हो रहा है तो संबंधित विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे।

दिल्ली में हाल के वर्षों में पेड़ों की कटाई और सरकारी जमीनों पर कब्जे को लेकर कई मामले सामने आते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट तक में डीडीए और पेड़ों की कटाई को लेकर सुनवाई हो चुकी है।

पुलिस बूथ के पास होने के बावजूद कार्रवाई नहीं?

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पुलिस बूथ के नजदीक यह सब होने के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने मौखिक शिकायतें भी दीं लेकिन अभी तक मौके पर कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली।

लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में पूरी जमीन पर कब्जा किया जा सकता है और इलाके की बची हुई हरियाली भी खत्म हो जाएगी।

डीडीए और प्रशासन से जांच की मांग

स्थानीय नागरिकों ने डीडीए, वन विभाग और दिल्ली प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर पेड़ों की कटाई बिना अनुमति के की जा रही है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

दिल्ली सरकार और संबंधित विभागों की तरफ से अवैध पेड़ कटाई की शिकायत के लिए हेल्पलाइन और शिकायत व्यवस्था भी मौजूद है।

स्थानीय लोगों की मांग

* पेड़ों की कटाई पर तुरंत रोक लगे
* डीडीए जमीन की जांच हो
* अवैध कब्जे की कोशिश पर कार्रवाई हो
* इलाके में दोबारा वृक्षारोपण कराया जाए
* जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और इलाके की हरियाली बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

 

 

Kinni Times
Author: Kinni Times