अमेरिका तनाव बढ़ा, यूपी में तूफान से 41 मौतें

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अंतरराष्ट्रीय राजनीति से लेकर देश के मौसम और शिक्षा व्यवस्था तक, बुधवार देर रात और गुरुवार सुबह कई बड़ी घटनाओं ने लोगों का ध्यान खींचा। अमेरिका, ईरान, चीन और इजरायल से जुड़ी खबरों ने वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है, वहीं भारत में NEET पेपर लीक, खराब मौसम और राजनीतिक हलचल चर्चा का विषय बने हुए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका चाहता है कि चीन, ईरान पर दबाव बनाए ताकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को रोका जा सके। अमेरिका का मानना है कि ईरान की गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बन रही हैं और चीन, ईरान पर प्रभाव रखने वाले देशों में से एक है। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका समर्थित तमाम दावों को खारिज करते हुए कहा कि उस पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि इजरायल के प्रधानमंत्री का दौरा होने वाला है और सैन्य प्रतिनिधिमंडल यूएई पहुंच सकता है। यूएई ने साफ किया कि ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। वहीं इराक में ईरानी विपक्षी कैंप पर ड्रोन हमला होने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि हमले में हथियार डिपो को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

दूसरी ओर BRICS बैठक के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनकी भारत यात्रा को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि ऐसे समय में यह बैठक हो रही है जब दुनिया के कई देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में व्यापार, सुरक्षा और वैश्विक हालात जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

देश के अंदर भी कई बड़ी खबरें सामने आईं। समाजवादी पार्टी से जुड़े प्रतीक यादव का आज सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने यह जानकारी साझा की। उनके निधन की खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। कई नेताओं और समर्थकों ने दुख जताया है।

वहीं NEET पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। नासिक से एक संदिग्ध को पकड़ा गया है, जिसके बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच इस मामले को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।

मौसम की बात करें तो उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और खराब मौसम ने भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग जिलों में पेड़ गिरने, बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड में भी तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और राहत-बचाव कार्य जारी है।

Kinni Times
Author: Kinni Times