संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हो गया है, जिसमें महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ी चर्चा होने वाली है। सरकार इस बिल से जुड़े तीन अहम संशोधन पेश करने जा रही है।
प्रस्ताव के मुताबिक, साल 2029 से लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने की व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके तहत लोकसभा में करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

साथ ही लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। इसके लिए परिसीमन प्रक्रिया लागू की जाएगी, जिस पर सियासत गरमा गई है।
विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह कदम महिला आरक्षण के नाम पर चुनावी क्षेत्रों में बदलाव कर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भी बिल को पेश करने के समय और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के समर्थन में ह
वहीं अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, उनकी सोच महिला-विरोधी है।
अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने परिसीमन के मुद्दे पर आपत्ति जताते हुए इसे कुछ राज्यों के साथ भेदभाव बताया है।
👉 दूसरी ओर, पद्मश्री से सम्मानित उद्योगपति कल्पना सरोज ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है।
👉 कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का कहना है कि महिला आरक्षण की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी, अब सरकार कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए इसे आगे बढ़ा रही है।
📌 अब नजरें संसद में होने वाली बहस पर हैं, जो 18 अप्रैल तक चल सकती है और इसके बाद इस बिल का भविष्य तय होगा।
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