मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
रियाद में मिसाइल हमला
ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब की राजधानी रियाद की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। हालांकि सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके बावजूद शहर में देर रात तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
तेल कीमतों में जबरदस्त उछाल
इन हमलों का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ा है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में 6% से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।

एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर बना निशाना
ईरान के पार्स गैस क्षेत्र पर हमले के बाद यह संघर्ष नए चरण में पहुंच गया है। हालांकि इसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर के तेल व गैस प्रतिष्ठानों को संभावित लक्ष्य बताया है।
कतर और यूएई की प्रतिक्रिया
कतर ने गैस फील्ड पर हुए हमलों को लेकर चिंता जताई है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। वहीं यूएई ने भी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की कड़ी निंदा की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता
इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। यह दुनिया के लिए तेल और गैस आपूर्ति का अहम मार्ग है, जहां किसी भी रुकावट का असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
फिलहाल मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह ‘एनर्जी वॉर’ अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट का रूप लेता नजर आ रहा है।



