मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’ लगभग 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी गैस लेकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और अब भारत की ओर बढ़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक जहाज बिना किसी एस्कॉर्ट के इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर गया, हालांकि आसपास भारतीय नौसेना के युद्धपोत सतर्क बताए जा रहे हैं। उम्मीद है कि यह टैंकर कुछ ही दिनों में भारत पहुंच जाएगा, जिससे एलपीजी की सप्लाई और मजबूत होगी।
पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की कमी और एजेंसियों पर लंबी कतारों की खबरें सामने आ रही थीं। ऐसे में इस बड़े गैस टैंकर के भारत पहुंचने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इस बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देश में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक अफवाहों के कारण लोग घबराकर ज्यादा बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं।
मंत्रालय ने बताया कि घरेलू एलपीजी की डिलीवरी औसतन ढाई दिन के भीतर की जा रही है। साथ ही पारदर्शिता के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत ग्राहक को सिलेंडर लेते समय डिलीवरी पर्सन को कोड देना होगा।
इसके अलावा अस्थायी तौर पर एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि सप्लाई संतुलित बनी रहे।
सरकार का कहना है कि भारत दुनिया के बड़े रिफाइनिंग देशों में शामिल है और पेट्रोल-डीजल व गैस की उपलब्धता को लेकर फिलहाल कोई संकट की स्थिति नहीं है।








