दक्षिणी दिल्ली के ग्राम शहूरपुर, तहसील साकेत क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी वन विभाग एवं डीडीए (Delhi Development Authority) की भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा, अवैध निर्माण और बरसाती नाले को बंद करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, उपराज्यपाल समेत 23 शीर्ष संवैधानिक और प्रशासनिक अधिकारियों को एक विस्तृत आपराधिक शिकायत भेजी गई है।
1️⃣ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप
शिकायत में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश SLP (C) No. 26697/2019 (DDA बनाम तेजपाल एवं अन्य) का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जितनी भी नोटिफाइड डीडीए भूमि है, उसका कब्जा डीडीए द्वारा लिया जाए, इसके बावजूद जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण जारी है।
2️⃣ सरकारी भूमि का पूरा विवरण – खसरा नंबर एक-एक कर
यह भूमि ग्राम शहूरपुर, तहसील साकेत, नई दिल्ली में स्थित है, जिसमें निम्नलिखित खसरा नंबर शामिल बताए गए हैं:
(क) वन विभाग की भूमि – ग्राम शहूरपुर
1. खसरा नंबर 331 2. खसरा नंबर 274 3. खसरा नंबर 276 4. खसरा नंबर 348 5. खसरा नंबर 350 6. खसरा नंबर 351 7. खसरा नंबर 340 8. खसरा नंबर 336 9. खसरा नंबर 329
(ख) डीडीए की भूमि
10. खसरा नंबर 250 11. खसरा नंबर 251 12. खसरा नंबर 252 13. खसरा नंबर 258 14. खसरा नंबर 259 15. खसरा नंबर 262 16. खसरा नंबर 263 17. खसरा नंबर 264 18. खसरा नंबर 261 19. खसरा नंबर 293 20. खसरा नंबर 294 21. खसरा नंबर 330
22. खसरा नंबर 301/1 23. खसरा नंबर 302 24. खसरा नंबर 325 25. खसरा नंबर 326 26. खसरा नंबर 332 27. खसरा नंबर 333
28. खसरा नंबर 334 29. खसरा नंबर 335 30. खसरा नंबर 337 31. खसरा नंबर 338 32. खसरा नंबर 339 33. खसरा नंबर 343 34. खसरा नंबर 342 35. खसरा नंबर 341 36. खसरा नंबर 344 37. खसरा नंबर 348 38. खसरा नंबर 352 39. खसरा नंबर 353
(ग) सरकार दौलत मदर / डीडीए हाउसिंग भूमि
40. खसरा नंबर 143 41. खसरा नंबर 144 42. खसरा नंबर 192/1 43. खसरा नंबर 192/2 44. खसरा नंबर 273 45. खसरा नंबर 283 46. खसरा नंबर 310 47. खसरा नंबर 311 48. खसरा नंबर 313 49. खसरा नंबर 314 50. खसरा नंबर 315 51. खसरा नंबर 316
3️⃣ भूमाफिया द्वारा अवैध कॉलोनी काटने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि भूमाफिया हरीश तंवर, निवासी – चंदन हुला, द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर: चारदीवारी बनवाई गई, गेट लगाए गए, कोठियां खड़ी की गईं, सड़कें बनाई गईं, छोटे-छोटे प्लॉटों में कॉलोनी काटी जा रही है।
4️⃣ बरसाती नाला बंद कर पर्यावरण को भारी नुकसान
शिकायत के अनुसार, हरियाणा बॉर्डर से लेकर असोला–फतेहपुर बेरी तक वर्षा जल की निकासी का प्राकृतिक मार्ग रहे बरसाती नाले को मलबा डालकर बंद किया जा रहा है, जिससे: जलभराव का खतरा, पर्यावरणीय संतुलन को नुकसान, आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।
5️⃣ सरकारी बोर्ड उखाड़ने का गंभीर आरोप
यह भी कहा गया है कि: डीडीए एवं वन विभाग द्वारा लगाए गए सरकारी बोर्डों को उखाड़कर फेंक दिया गया है, भूमि को निजी दिखाने की साजिश रची गई है,अवैध रूप से जमीन बेचने का रास्ता साफ किया गया है।
6️⃣ पुलिस और अधिकारियों की मिलीभगत का दावा
शिकायत में आरोप है कि इस पूरे अवैध कार्य में: थाना मैदान गढ़ी की पुलिस, दक्षिणी दिल्ली का डीडीए विभाग, दक्षिणी दिल्ली का वन विभाग, शूटिंग रेंज, तुगलकाबाद क्षेत्र के तहसीलदार आशीष (मोबाइल नं. 9899032215) की मिलीभगत स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।
7️⃣ रिश्वतखोरी और ठेका सिस्टम का आरोप
यह भी आरोप लगाया गया है कि: तहसीलदार आशीष सरकारी जमीनों पर कब्जा कराने और अवैध निर्माण कराने का ठेका लेता है, विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को अपने हाथ से रिश्वत देकर डीडीए और वन विभाग की कार्रवाई को रुकवाता है, भूमाफिया हरीश तंवर के साथ उसकी साझेदारी है, सरकार को लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
8️⃣ आपराधिक गिरोह जैसा नेटवर्क होने का दावा
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि तहसीलदार आशीष यह कहते फिरते हैं: “मेरी संतरी से लेकर मंत्री तक जान-पहचान है, मैं सबको हफ्ता देता हूँ, मैं यहां केवल पैसा कमाने आया हूँ, राजनीतिक लोग भी मेरी जेब में रहते हैं।” इस कथन को एक संगठित आपराधिक गिरोह के सक्रिय होने का प्रमाण बताया गया है।
9️⃣ शिकायत में की गई प्रमुख मांगें – एक-एक पॉइंट में
1. उपरोक्त सभी खसरा नंबरों वाली भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों को तत्काल ध्वस्त कराया जाए।
2. भूमाफिया हरीश तंवर, तहसीलदार आशीष तथा संलिप्त पुलिस, डीडीए एवं वन विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध आईपीसी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा अन्य प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की जाए।
3. तहसीलदार आशीष को तत्काल निलंबित कर गिरफ्तार किया जाए।
4. मोबाइल नंबर 9899032215 की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), कॉल लोकेशन तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराई जाए।
5. तहसीलदार आशीष एवं संबंधित व्यक्तियों की महंगी गाड़ियों, मोबाइल फोन तथा परिवार की बेनामी संपत्तियों की सीबीआई/ईडी से जांच कराई जाए।
6. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश SLP (C) No. 26697/2019 के अनुसार समस्त नोटिफाइड डीडीए भूमि का कब्जा पुनः डीडीए को दिलाया जाए।
10️⃣ प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
इतने बड़े स्तर पर सरकारी भूमि हड़पने, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और अधिकारियों की मिलीभगत के इन गंभीर आरोपों के बाद अब यह देखना अहम होगा कि सरकार, डीडीए, वन विभाग, पुलिस प्रशासन और सतर्कता एजेंसियां इस मामले में कब और क्या ठोस कार्रवाई करती हैं।








