नई दिल्ली: देश के उत्तरी हिस्सों में ठंड, कोहरा और सर्द हवाओं का कहर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जनवरी को उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2–3 दिनों तक ठंड का प्रकोप बना रहेगा, हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है।
IMD का कहना है कि 16 से 21 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। वहीं 18 से 20 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी छिटपुट बारिश के आसार हैं।
घना कोहरा बढ़ाएगा परेशानी
अगले 5–6 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक शीतदिवस की स्थिति बनी रह सकती है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम
राजधानी दिल्ली लगातार पांचवें दिन शीतलहर की चपेट में है। गुरुवार इस सीजन का सबसे सर्द दिन रहा, जब न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम में तापमान 2.3 डिग्री तक गिर गया, जो करीब 20 साल में सबसे कम रहा। शुक्रवार को भी कड़ाके की ठंड जारी रहने के आसार हैं, शाम के समय हल्के बादल छा सकते हैं। इस बीच दिल्ली का AQI 343 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।
उत्तर प्रदेश में फिर बढ़ेगी ठंड
उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग के अनुसार 19 और 20 जनवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है।
उत्तराखंड और पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के संकेत
उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान पर असर दिखेगा।
जम्मू-कश्मीर और राजस्थान का हाल
जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड के चलते डल झील समेत कई जलाशयों का पानी जम गया है। उधर राजस्थान में शीतलहर और घना कोहरा जारी है, हालांकि 17–18 जनवरी के बाद कुछ इलाकों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी और ठंड से राहत मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में ठंड, कोहरा और बारिश-बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित रह सकता है।








