कोलकाता में I-PAC से जुड़े मामले ने सियासी और कानूनी तूल पकड़ लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है, जहां शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना है।
ईडी ने अदालत में आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी और हस्तक्षेप के कारण सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा पैदा हुआ। एजेंसी का कहना है कि रेड के दौरान कुछ अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य प्रभावित हो सकते थे, इसलिए अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई को पूरी तरह राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों और चुनावी रणनीतिकारों को डराने की कोशिश कर रही है। ममता ने साफ कहा कि यह कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है।
ईडी ने कोर्ट में यह भी स्पष्ट किया कि I-PAC पर की गई छापेमारी किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाकर नहीं की गई, बल्कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और एजेंसी कानून के दायरे में रहकर काम कर रही है।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई के विरोध में राज्यभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है, जबकि विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब इस पूरे मामले पर कलकत्ता हाईकोर्ट की सुनवाई अहम मानी जा रही है, जहां यह तय होगा कि ईडी की कार्रवाई जारी रहेगी या उस पर कोई रोक लगेगी।








