मुंबई महानगरपालिका चुनाव की तैयारियों में ठाकरे परिवार की नई पीढ़ी पूरी तरह मैदान में उतर चुकी है। शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के गठबंधन का घोषणापत्र आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे ने मिलकर अंतिम रूप दे दिया है। इस घोषणापत्र में मुंबईकरों को लुभाने के लिए कई मुफ्त और रियायती योजनाओं का ऐलान किया गया है।
करीब 20 साल बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ आने के बाद अब दोनों नेताओं के बेटे चुनावी रणनीति संभालते नजर आ रहे हैं। बीएमसी चुनाव में यूबीटी–मनसे गठबंधन का सीधा मुकाबला महायुति से है, जिसके नेता देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे मुंबई से अपना अभियान शुरू करने वाले हैं।
शिवसेना भवन में हुई अहम बैठक
शुक्रवार को आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे ने शिवसेना भवन में गठबंधन के उम्मीदवारों के साथ बैठक की। इस दौरान उम्मीदवारों को चुनावी एजेंडे की जानकारी दी गई और घोषणापत्र में किए गए वादों को घर-घर तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया। आदित्य ठाकरे ने बताया कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे जल्द ही संयुक्त रूप से घोषणापत्र जारी करेंगे।
घोषणापत्र में मुफ्त और राहत वाली योजनाएं
सूत्रों के अनुसार, घोषणापत्र में महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है। इसके साथ ही 700 वर्ग फुट तक के घरों को प्रॉपर्टी टैक्स से पूरी तरह मुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।
गठबंधन ने इमारतों के पुनर्विकास नियमों में बदलाव का भी भरोसा दिया है, जिसके तहत हर पुनर्विकसित फ्लैट के लिए पार्किंग की सुविधा अनिवार्य होगी। बीएमसी आवास नीति के जरिए मिल मजदूरों, बेस्ट कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के लिए करीब 1 लाख घर बनाने का भी वादा किया गया है।
युवाओं और गरीबों पर खास फोकस
युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए हर युवा को 1 लाख रुपये का फंड देने की घोषणा की गई है, ताकि वे पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट या अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
इसके अलावा मुंबई में ‘मासाहेब किचन’ शुरू करने का प्रस्ताव है, जहां 10 रुपये में नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े वादे
घोषणापत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। नगर निगम अस्पतालों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने, मुफ्त जेनेरिक दवाएं देने, 24×7 हेल्थ कंट्रोल रूम, वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर पर इलाज की सुविधा और बीएमसी के तहत एक कैंसर अस्पताल स्थापित करने का वादा किया गया है।
यूबीटी–मनसे गठबंधन का यह घोषणापत्र बीएमसी चुनाव में मुफ्त योजनाओं और राहत के जरिए मुंबईकरों का भरोसा जीतने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।








