अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खुली जंग में बदल गया है। सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच भीषण लड़ाई जारी है। अफगान सेना ने शनिवार रात नांगरहार और कुनार प्रांतों में डुरंड रेखा के पास स्थित पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर बड़े हमले किए। इन हमलों में कम से कम पांच पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो घायल हुए हैं।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सेनाओं ने कई पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह संघर्ष स्पिना शागा, गीवी और मणि जाभा सहित कई सीमावर्ती इलाकों में फैला हुआ है, जहां हल्के और भारी हथियारों से लगातार गोलीबारी हो रही है।
नौ अक्टूबर की एयरस्ट्राइक के बाद भड़की झड़प
जानकारी के अनुसार, यह संघर्ष उस समय शुरू हुआ जब पाकिस्तान ने 9 अक्टूबर को अफगानिस्तान के काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में हवाई हमले किए थे। इन हमलों में पाकिस्तान ने टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) प्रमुख नूर वली मेहसूद को निशाना बनाने की कोशिश की थी। अफगान तालिबान सरकार ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया था और कड़े जवाब की चेतावनी दी थी। अब अफगान सेना की इस कार्रवाई को उसी जवाबी हमले के रूप में देखा जा रहा है।
पाक सेना को भारी नुकसान, हथियार भी छिने
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने टोलो न्यूज को बताया कि कुनार और हेलमंद प्रांतों में दो पाकिस्तानी चौकियों को नष्ट कर दिया गया है। अफगान सैनिकों ने पाक सेना के कई हथियार और उपकरण भी कब्जे में ले लिए हैं। पक्तिया प्रांत के आरयूब जाजी जिले में दोनों ओर से जबरदस्त गोलीबारी हो रही है।
मुत्तकी भारत दौरे पर, बढ़ी कूटनीतिक हलचल
दिलचस्प बात यह है कि यह संघर्ष ऐसे समय में हुआ है जब अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी भारत दौरे पर हैं। मुत्तकी ने भारत में दिए बयान में कहा कि “अफगानों के साहस की परीक्षा न ली जाए।” उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ बेहतर रिश्ते की इच्छा जताई, लेकिन साफ किया कि अफगानिस्तान किसी की भी “एकतरफा शर्तें” नहीं मानेगा।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई, सीमा पर स्थिति नाजुक
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद ने पांच से अधिक स्थानों पर झड़पों की पुष्टि की है और कहा है कि उनकी सेना जवाबी कार्रवाई कर रही है। अफगान तालिबान बलों ने हेलमंद प्रांत में दो पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया है। दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार गोलाबारी से स्थानीय आबादी में दहशत फैल गई है।
क्षेत्रीय स्तर पर चिंता
सऊदी अरब और कतर ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता जताई है। कतर ने शांति वार्ता की मेजबानी की पेशकश की है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बहाल की जा सके।







