दक्षिण दिल्ली के भाटी गांव में खसरा नंबर 961 पर स्थित वन विभाग की करोड़ों की सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े और पेड़ों की कटाई का बड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस नंबर 18, श्लोक आश्रम रोड, भाटी के पीछे के हिस्से में जेसीबी मशीन से जमीन को समतल किया जा रहा है और दर्जनों हरे पेड़ों को काटा जा चुका है।
अवैध कब्ज़े में पुलिस और वन विभाग की भूमिका पर सवाल
स्थानीय निवासी द्वारा दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस पूरी कार्रवाई में थाना मैदान गढ़ी की पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है। यह भी दावा किया गया है कि एक बरसाती नाला (प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था) को बंद कर वहां पर अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है।
पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर शिकायत दर्ज, फिर भी कार्रवाई नहीं
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने दिनांक 6 अक्टूबर 2025 को घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर दी, लेकिन अब तक पुलिस और वन विभाग दोनों की तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह संदेह और गहराता है कि अवैध कब्जा किसी गहरे नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
शिकायत उच्च स्तर तक भेजी गई
इस गंभीर मुद्दे को लेकर शिकायतकर्ता ने देश के शीर्ष अधिकारियों को सूचित किया है। जिनमें शामिल हैं:
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
वन मंत्रालय, भारत सरकार
चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट, नई दिल्ली
मुख्य सचिव, दिल्ली
जॉइंट कमिश्नर, एंटी करप्शन ब्रांच, दिल्ली
डीसीएफ फॉरेस्ट, शूटिंग रेंज, तुगलकाबाद
उपराज्यपाल, दिल्ली
डिप्टी कमिश्नर साउथ, साकेत
एसडीएम साकेत
एसीपी महरौली
थाना अध्यक्ष, मैदान गढ़ी
मांग: अवैध कब्जा हटे, पेड़ों की कटाई पर हो एफआईआर
शिकायतकर्ता की मांग है कि:
वन विभाग तत्काल प्रभाव से जमीन पर से कब्जा हटाए
हरे पेड़ों की कटाई को लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए
प्राकृतिक जल स्रोत (बरसाती नाला) को बहाल किया जाए
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच हो








