इजरायल और गाजा के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर से और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रम में इजरायली सेना ने गाजा पट्टी पर फिर से भीषण हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक 3 पत्रकारों समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, ये हमले दक्षिणी गाजा के एक अस्पताल को निशाना बनाकर किए गए, जिससे क्षेत्र में हाहाकार मच गया।
मारे गए पत्रकार, मीडिया पर भी सीधा हमला
इजरायली हमलों में मारे गए लोगों में तीन स्थानीय पत्रकार भी शामिल हैं। यह मीडिया पर सीधा हमला माना जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार संगठनों और पत्रकार संगठनों में आक्रोश बढ़ा है। गाजा पहले से ही सूचना के लिहाज़ से एक संवेदनशील क्षेत्र है और पत्रकारों की मौत ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।
क्या है इजरायल का प्लान?
गाजा पर लगातार हो रहे हमले इजरायल की बड़ी रणनीतिक योजना का हिस्सा हैं। हाल ही में इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने गाजा शहर पर पूर्ण कब्जा करने की योजना को मंजूरी दी है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बयान देते हुए कहा था कि:
“हम गाजा पर नियंत्रण फिर से हासिल करेंगे और इसे हमास विरोधी अरब मित्र देशों को सौंपेंगे।”
इस योजना के पीछे इजरायल का उद्देश्य गाजा को हमास के नियंत्रण से पूरी तरह मुक्त कराना और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करना है।
यमन में भी इजरायली हमले
गाजा के अलावा, इजरायल ने यमन की राजधानी सना में भी हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में बिजली घर, गैस स्टेशन, और राष्ट्रपति भवन के पास के इलाके को निशाना बनाया गया।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे और लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाया था। इन हमलों के जवाब में इजरायल ने यमन में सैन्य कार्रवाई की।
हूती विद्रोहियों ने स्पष्ट किया है कि उनका यह कदम गाजा पट्टी में फलस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए है।
जंग की शुरुआत: 7 अक्टूबर 2023
गौरतलब है कि यह जंग 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई थी, जब हमास के आतंकियों ने इजरायल में घुसकर आम नागरिकों पर हमला किया था।
हमास ने इस हमले में:
करीब 1200 लोगों की हत्या की
महिलाओं और बच्चों को भी निशाना बनाया
250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया
इस हमले के जवाब में इजरायल ने गाजा पर अपना सैन्य अभियान शुरू किया, जो अब तक जारी है।
गाजा तबाह, मानव संकट गहराया
इजरायली हमलों की वजह से गाजा एक खंडहर में तब्दील हो गया है। यहां के लोग भुखमरी, दवाओं की कमी और विस्थापन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी इलाकों पर बमबारी के कारण सैकड़ों निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस संघर्ष पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं। कई देश इजरायल और हमास दोनों से संयम बरतने की अपील कर चुके हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने नागरिकों और पत्रकारों की हत्या पर गंभीर चिंता जताई है और युद्धविराम की मांग की है।



