करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर योगेंद्र सिंह राणा ने कैराना से सपा सांसद इकरा हसन पर फेसबुक पोस्ट और एक वीडियो में आपत्तिजनक और निजी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इकरा हसन अभी अविवाहित हैं, वह “दिखने में उनसे कम खूबसूरत नहीं” हैं, और अगर चाहें तो इकरा उनसे शादी कर सकती हैं। राणा ने यह भी शर्त रखी कि अगर शादी होती है तो असदुद्दीन और अकबरुद्दीन ओवैसी उन्हें “जीजा” कहकर बुलाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि वह हिंदू ही रहेंगे, और इकरा को अपने घर में नमाज़ पढ़ने की अनुमति देंगे।
पोस्ट और वीडियो हटाए गए
सोशल मीडिया पर तेज़ प्रतिक्रिया और आलोचना के बाद, राणा ने लगभग दो घंटे के भीतर विवादित पोस्ट और वीडियो डिलीट कर दिए। उस समय तक पोस्ट पर लगभग 181 टिप्पणियाँ आ चुकी थीं और यह तेजी से वायरल हो चुका था।
इस टिप्पणी को महिला सम्मान के खिलाफ बताया गया, और इसे महिला सांसद के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव के लिए घातक माना गया।
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं, विशेषतः डॉ. एस‑टी हसन और पूर्व सांसद रूचि वीरा, ने इसे “संस्कृति और तहजीब पर हमला” बताया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
AIMIM ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी
वकी रशीद ने कहा कि राणा के बयान से माहौल खराब होता है और अगर वह इस्लाम कबूल भी कर लें तो फिर बात अलग है। उन्होंने कहा कि पहले खुद अकबर ओवैसी को अपना “जीजा” मानें।
क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ये टिप्पणियाँ आईटी एक्ट और महिला सम्मान से जुड़ी धाराओं के तहत अपराध की श्रेणी में आती हैं। कुछ संगठनों ने महिला आयोग और चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। सपा ने सरकार से भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि अभी किसी तरह की लिखित शिकायत अधिकारी स्तर पर दर्ज नहीं हुई है। अगर शिकायत मिलती है, तो पुलिस मामले की जांच कर उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी।
अब तक इकरा हसन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वह इस निजी और सार्वजनिक अपमान पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं। फिलहाल सार्वजनिक तौर पर उनका कोई सार्वजनिक बयान उपलब्ध नहीं है।








