छतरपुर 100 फुटा रोड पर अवैध कमर्शियल निर्माण का खुलासा, पुलिस और प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप

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दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में एक बार फिर अवैध निर्माण और प्रशासनिक मिलीभगत की पोल खुल गई है। DDA की नोटिफाइड जमीन पर खुलेआम गैरकानूनी कमर्शियल बिल्डर फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। ये फ्लैट्स बिना किसी वैध अनुमति, रात-दिन बनाए जा रहे हैं। आरोप है कि इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस और प्रशासन की सीधी मिलीभगत है।

जमीन और स्थान का विवरण (Khasra Details):

खसरा नंबर – 306, 307, 308
स्थान: छतरपुर मेन, 100 फुटा रोड, नई दिल्ली
निर्माणकर्ता: अग्रवाल प्रॉपर्टी, टी-प्वाइंट के पास

खसरा नंबर – 506, 507, 508
स्थान: गांव छतरपुर, 100 फुटा रोड
स्थिति: कथित ‘मिनी मॉल’ निर्माण

छतरपुर मेन रोड, नंदा अस्पताल के सामने, बेलबॉन्ड होटल के साथ
निर्माणकर्ता: महेश अग्रवाल

प्लॉट नंबर – D-93, छतरपुर 100 फुटा मेन रोड
स्थिति: तेज़ी से बन रहा अवैध कमर्शियल निर्माण

प्रशासनिक मिलीभगत और रिश्वतखोरी के आरोप

स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों ने आरोप लगाया है कि DDA और नगर निगम की आंखों के सामने ये निर्माण मोटी रिश्वत लेकर होने दिए जा रहे हैं।

पहले रिश्वत लेकर नक्शा पास ना होते हुए भी निर्माण शुरू कराया जाता है।

जब मीडिया या कोर्ट में मामला उठता है, तो दिखावे के लिए अवैध निर्माण गिरा दिया जाता है।

इसका परिणाम सिर्फ गरीब खरीददारों का नुकसान होता है और बिल्डरों को मिलती है प्रशासन की ढाल।

कानून का मजाक बन रहा, कोई स्थाई कार्रवाई नहीं

मौके पर जाकर जांच करने वाले कार्यकर्ताओं ने बताया कि अधिकांश निर्माण रात के समय होते हैं।

पुलिस चौकी और थाना पास में होते हुए भी कोई हस्तक्षेप नहीं होता।

फाइलों में दिखाया जाता है “कार्रवाई जारी है”, लेकिन मौके पर बिल्डर छत तक चढ़ा देते हैं।

यह DDA अधिनियम, MCD बिल्डिंग बायलॉज़ और दिल्ली मास्टर प्लान 2041 की खुली अवहेलना है।

क्या है DDA की स्थिति?

छतरपुर जैसे क्षेत्र DDA द्वारा नोटिफाई किए गए हैं, जिन पर बिना अनुमति कोई कमर्शियल निर्माण या फ्लैट्स डेवेलपमेंट अवैध है। फिर भी जमीन का गलत उपयोग खुलेआम हो रहा है।

मांग: उच्चस्तरीय जांच और तत्काल सीलिंग

स्थानीय समाजसेवियों और RWA की मांग है कि:

इस पूरे मामले की CBI या हाई कोर्ट निगरानी में जांच हो।

भ्रष्ट अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए।

जिन बिल्डरों ने अवैध निर्माण किया है, उनकी संपत्ति जब्त हो।

खरीदारों को संपत्ति खरीदने से पहले सतर्क किया जाए।

दिल्ली जैसे राजधानी क्षेत्र में यदि इस तरह से DDA ज़मीन पर अवैध निर्माण होते रहे और प्रशासन सिर्फ दिखावा करता रहा तो यह न सिर्फ कानून का मजाक है, बल्कि आम नागरिकों के साथ अन्याय भी है। अब वक्त है कि ऐसे मामलों पर Zero Tolerance Policy अपनाई जाए।

रिश्वतखोर अधिकारियों के नम्बर:

दिवाकर कानूनगो डीडीए साउथ दिल्ली- 94106 74050

विकास रिश्वतखोर DDA अधिकारी- 98688 15510

Kinni Times
Author: Kinni Times

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