पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा से मिलने के लिए उसके पिता हरीश मल्होत्रा मंगलवार को हिसार सेंट्रल जेल-2 में पहुंचे. उन्होंने करीब 20 मिनट तक बेटी से बातचीत की इस दौरान ज्योति को कुछ कपड़े दिए. बेटी को जेल की सलाखों के पीछे देखकर हरीश मल्होत्रा भावुक हो गए ज्योति ने उनसे कहा कि आप चिंता न करें, मैं जल्द बाहर आ जाऊंगी. मैंने कोई गैर कानूनी काम नहीं किया है पिता-पुत्री की मुलाकात सामान्य कैदियों की तरह ही करवाई गई. ज्योति मल्होत्रा को सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था उसके पिता सुबह करीब 10 बजे जेल परिसर पहुंचे और बेटी से मिलवाने का अनुरोध किया. जेल रजिस्टर में एंट्री के बाद जेल नियमों के अनुसार उन्हें अंदर भेजा गया. इसके बाद हरीश मल्होत्रा को ज्योति से सामान्य कैदियों के साथ समूह में मिलवाने के बजाय अलग से मिलवाया गया. ज्योति ने पिता से कहा कि पापा आप मजबूत रहो. मैंने कोई गैर कानूनी काम नहीं किया है.
पिता से बोली ज्योति मल्होत्रा जांच पड़ताल के बाद आ जाउंगी बाहर
पुलिस जांच पूरी होने के बाद मैं बाहर आ जाऊंगी. पुलिस ने ज्योति को 18 मई को गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था. इसके बाद 23 मई को फिर से अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया था. 26 मई को अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इसके बाद हरीश मल्होत्रा को ज्योति से सामान्य कैदियों के साथ समूह में मिलवाने के बजाय अलग से मिलवाया गया. ज्योति ने पिता से कहा कि पापा आप मजबूत रहो. मैंने कोई गैर कानूनी काम नहीं किया है. पुलिस जांच पूरी होने के बाद मैं बाहर आ जाऊंगी. पुलिस ने ज्योति को 18 मई को गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था इसके बाद 23 मई को फिर से अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया था. 26 मई को अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया.वहीं, ज्योति मल्होत्रा ने पहली बार पाकिस्तान यात्रा के बाद विशेष वीजा हासिल किया था, जिसे आईएसआई और पाक गृह मंत्रालय की मंजूरी मिली थी. पुलिस का मानना है कि ज्योति ने जानबूझकर आईएसआई का साथ दिया, ताकि उसे विशेष सुविधाएं और वीआईपी ट्रीटमेंट मिल सके.



